हरपुर में सूरजमुखी के उन्नत किस्म का वैज्ञानिकों ने क्या निरीक्षण

शिवहर - पिपराही के हरपुर क्लस्टर में सूर्यमुखी की उन्नत किस्म KBSH-90 का फ्रंट लाइन डेमोंस्ट्रेशन (CFLD) सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। यह शिवहर जिले में पहली बार कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा सूर्यमुखी फसल की वैज्ञानिक खेती का परिचयात्मक प्रयास है, जिसका मुख्य उद्देश्य किसानों को तिलहनी फसलों के विविधीकरण, पोषण सुरक्षा तथा अतिरिक्त आय के स्रोत से जोड़ना है।

सूर्यमुखी एक उच्च तेल प्रतिशत वाली महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जो कम अवधि में बेहतर उत्पादन देने के साथ-साथ जलवायु अनुकूल कृषि प्रणाली में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। KBSH-90 किस्म अपनी उच्च उत्पादकता, रोग प्रतिरोधक क्षमता एवं बेहतर तेल गुणवत्ता के लिए जानी जाती है। इस प्रदर्शन के माध्यम से किसानों को उन्नत बीज, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, वैज्ञानिक खरपतवार नियंत्रण, समुचित सिंचाई प्रबंधन तथा समेकित कीट एवं रोग प्रबंधन तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनुराधा रंजन कुमारी तथा CFLD की नोडल पदाधिकारी डॉ. संचिता घोष द्वारा फसल क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर फसल की वृद्धि एवं स्वास्थ्य की निगरानी की गई। वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल की विभिन्न अवस्थाओं में आवश्यक कृषि क्रियाओं, पोषक तत्व प्रबंधन तथा कीट-रोग नियंत्रण संबंधी वैज्ञानिक सलाह प्रदान की, ताकि गुणवत्तापूर्ण उत्पादन एवं अधिक उपज सुनिश्चित की जा सके।

वैज्ञानिकों ने बताया कि सूर्यमुखी जैसी तिलहनी फसलों का समावेश फसल चक्र में करने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार, कृषि जोखिम में कमी तथा किसानों की आय में वृद्धि संभव है। साथ ही, यह पहल जिले में तेलहन उत्पादन बढ़ाने एवं खाद्य तेलों में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी। 

किसानों ने भी इस नई फसल के प्रति उत्साह व्यक्त करते हुए भविष्य में बड़े पैमाने पर इसकी खेती करने में रुचि दिखाई।इस प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत कुल 10 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 30 लाभार्थी किसानों को शामिल किया गया है।

रिपोर्टर - संजय गुप्ता 

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