बैडमिंटन कोर्ट निर्माण अधर में, भूमि उपलब्ध नहीं होने से कार्य लंबित
शिवहर - प्रस्तावित बैडमिंटन कोर्ट निर्माण परियोजना फिलहाल भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण अधर में लटक गई है।आरटीआई कार्यकर्ता मुकुन्द प्रकाश मिश्र को सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत प्राप्त दस्तावेजों से यह खुलासा हुआ है कि सरकार द्वारा परियोजना के लिए प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति प्रदान किए जाने के एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। दरअसल स्वीकृति 18/2/2025 को ही मिली थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार,खेल विभाग,बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री खेल विकास योजना के अंतर्गत शिवहर में बैडमिंटन कोर्ट निर्माण के लिए लगभग 3.75 करोड़ रुपये की लागत से परियोजना को स्वीकृति दी है। तकनीकी अनुमोदित प्राक्कलन को भी प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है तथा निर्माण एजेंसी के रूप में भवन निर्माण विभाग को नामित किया गया है। आरटीआई के जवाब में उपाधीक्षक शारीरिक शिक्षा,शिवहर ने बताया कि समाहरणालय परिसर स्थित खेल भवन के समीप लगभग 59 फीट × 159 फीट भूमि को बैडमिंटन कोर्ट निर्माण के लिए चिह्नित किया गया है। यह स्थल खेल भवन के विस्तारित भाग के रूप में विकसित किया जाना प्रस्तावित है। हालांकि,भवन निर्माण विभाग,शिवहर के कार्यपालक अभियंता द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि निर्माण कार्य के लिए अब तक विभाग को संबंधित भू-खंड उपलब्ध नहीं कराया गया है। विभाग ने कहा है कि भूमि उपलब्ध होते ही आगे की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी।
इस स्थिति ने परियोजना की प्रगति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार द्वारा करोड़ों रुपये की योजना स्वीकृत कर दी गई है, वहीं दूसरी ओर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। खेल प्रेमियों और युवाओं में इसको लेकर निराशा देखी जा रही है,क्योंकि जिले में आधुनिक खेल सुविधाओं की लंबे समय से मांग रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शीघ्र पूरी नहीं की गई तो स्वीकृत परियोजना भी अन्य योजनाओं की तरह फाइलों में सिमटकर रह सकती है। अब निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभागों पर टिकी हैं कि वे भूमि संबंधी बाधा को कब दूर कर निर्माण कार्य का रास्ता साफ करते हैं।
रिपोर्टर - संजय गुप्ता
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