प्रजापति ईश्वरीय ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय शिवहर में योग दिवस का आयोजन
शिवहर - प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिवहर की संचालिका बहन भारती के द्वारा प्रोजेक्ट बालिका विद्यालय परिसर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाते हुए कहा है कि शारीरिक आसनों के बजाय राजयोग ध्यान और मानसिक शांति पर केंद्रित होता है। योग करा रहे डॉ ध्रुव नाथ सिंह ने बताया है कि इस दिन को मुख्य रूप से सामूहिक ध्यान, सकारात्मक विचारों के प्रसार और आध्यात्मिक जागरण के माध्यम से मनाया जाता है। ब्रह्माकुमारी द्वारा योग दिवस मनाया गया है।यहाँ योग का अर्थ शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि 'आत्मा और परमात्मा (ईश्वर)' का मिलन है। वे सामूहिक रूप से राजयोग ध्यान करते हैं, जिसमें ईश्वर को ज्योतिर्लिंग (प्रकाश स्वरूप) मानकर उनसे शांति और प्रेम की किरणें प्राप्त करने की अनुभूति की जाती है।
बहन भारती ने बताया कि योग दिवस के अवसर पर तनाव मुक्ति, व्यसन मुक्ति,और सकारात्मक जीवन शैली पर विशेष चर्चा और व्याख्यान की गई हैं।बहन भारती के अनुसार योग दिवस मनाने का मूल मंत्र "राजयोग" और "आत्म-जागरूकता" है। उनका मानना है कि वास्तविक योग शारीरिक आसनों से कहीं बढ़कर आत्मा (ज्योति बिंदु) और परमात्मा के मिलन का आध्यात्मिक अभ्यास है, जिसका मूल मंत्र "मैं शरीर नहीं, एक शांत और शुद्ध आत्मा हूँ" है।
ब्रह्मा कुमारीज़ इस दर्शन को जीवन में उतारने के लिए मुख्य बातों पर ज़ोर देती है।ध्यान के माध्यम से मन को शांत करना, विकारों (क्रॉस,लोभ,मोह,अहंकार) से मुक्ति पाना और परमात्मा से जुड़ना है ।खुली आँखों से सहज ध्यान करना, जो व्यस्त दिनचर्या में भी मानसिक तनाव कम करता है और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।आत्मा के सात गुण: योग का उद्देश्य आत्मा के मूल गुणों— ज्ञान,पवित्रता,शांति,प्रेम,सुख,परमानंद और शक्ति को जागृत करना है।
रिपोर्टर - संजय गुप्ता
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