कृषि विज्ञान केंद्र,किसानों को उपलब्ध करा रहा है धान की सीधी बुआई एवं खेत समतलीकरण की सुविधा
शिवहर - कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर के कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से जिले के किसानों को खरीफ के मौसम में धान की सीधी बुआई एवं लेजर लैंड लेवलर द्वारा खेत समतलीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इस पहल का उद्देश्य खेती की लागत कम करना, जल संरक्षण को बढ़ावा देना तथा कृषि यंत्रीकरण के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि करना है। कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किसानों के खेतों में धान की सीधी बुआई मशीन से बुआई कराई जा रही है, जिससे रोपाई में लगने वाले श्रम और समय की बचत हो रही है। धान की सीधी बुआई पर प्रति एकड़ लगभग 1500 का खर्च ट्रैक्टर सहित आता है, जो पारंपरिक रोपाई की तुलना में काफी किफायती है। वहीं लेजर लैंड लेवलर से खेत समतलीकरण का औसत खर्च ट्रैक्टर सहित लगभग 6000 प्रति एकड़ आता है। हालांकि यह लागत खेत की ऊंचाई-निचाई एवं समतलीकरण की आवश्यकता के अनुसार कम या अधिक हो सकती है।
कृषि विज्ञान केंद्र शिवहर की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनुराधा रंजन कुमारी ने बताया कि वर्तमान समय में कृषि यंत्रीकरण खेती को लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। धान की सीधी बुआई एवं लेजर लैंड लेवलिंग जैसी तकनीकों से किसानों को सिंचाई जल, श्रम एवं उत्पादन लागत में बचत होती है।
उन्होंने किसानों से इन तकनीकों को अपनाकर आधुनिक खेती की ओर अग्रसर होने का आह्वान किया। वैज्ञानिक डॉ. सौरभ शंकर पटेल ने बताया कि समतल खेतों में पानी का समान वितरण होता है, जिससे फसल की बढ़वार बेहतर होती है तथा उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ती है।
वहीं धान की सीधी बुआई से समय पर फसल स्थापना संभव होती है और खेती की कुल लागत में कमी आती है। उन्होंने बताया कि इच्छुक किसान कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर के कस्टम हायरिंग सेंटर से संपर्क कर इन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर किसानों तक आधुनिक कृषि तकनीकों को पहुंचाने एवं कृषि को अधिक टिकाऊ, लाभकारी एवं जल-संरक्षण आधारित बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
रिपोर्टर - संजय गुप्ता
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