208 गांवो को बाल श्रम /बाल विवाह मुक्त गाँव के लिए लगातार बदलाव
शिवहर - उमेद छपारा और नायगाँव पूर्वी में माता समूह के साथ बाल विवाह मुक्त एवं बाल श्रम मुक्त शिवहर बनाने को लेकर बैठक और शपथ दिलाया गया। साथ ही विभिन्न प्रखंड मे विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बच्चो को बाल श्रम से मुक्त कर शिक्षा के मुख्य धारा से जुडने कि दिशा मे चल रहे प्रयास ने एक नई उम्मीद जगाई है। जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन एंव जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन के सहयोगी संगठन-बिहार ग्राम विकास परिषद के सहयोग से जिला के 208 गाँवो को बाल श्रम मुक्त गाँव बनाने कि दिशा मे व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। जिले के पांच प्रखंड मे संचालित इस अभियान का उद्देश्य बच्चो को बाल श्रम से मुक्त कर सुरक्षित, शिक्षित और सम्मान जनक भविष्य प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि अभियान को सफल बनाने मे जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सभी प्रखंड के विकास पदाधिकारी, जिला श्रम अधीक्षक पदाधिकारी एवं पुलिस विभाग सक्रिय भूमिका निभा रहे है। अभियान के तहत जिला स्तर पर गठित बाल श्रम समितीयो को सक्रिय रूप से कार्य कर रहें है। स्कूल से बाहर बच्चो कि पहचान कर पुनः नामांकन बाल श्रम के रोकथाम तथा बाल श्रम की रोकथाम तथा बाल अधिकारो के प्रति जागरूकता के लिए नियमित बैठक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
बिहार ग्राम विकास परिषद संस्था के द्वारा जिला के सभी प्रखंड के विधालयो मे मीनामंच, किशोरी समुह एंव बाल संसद के जरिए बच्चो एवं किशोरी समूह, माता समिति मे नेतृत्व कर क्षमता विकसित करने और उनके अधिकार के प्रती जागरुकता का प्रयास किया जा रहा है। अभियान को जमीनी स्तर पर सफल बनाने मे जिला समन्वयक अनिल कुमार, प्रखंड समन्वयक-आरती कुमारी की अहम भूमिका रही है।
उन्होंने बताया कि ऐ सभी गाँव /पंचायत स्तर पर बाल संरक्षण समिति की बैठक एवं जागरूकता अभियान, विधालय भ्रमण, अभिभावक के साथ संवाद बाल संरक्षण समिती का बैठक तथा स्कुल से बाहर के बच्चो की पहचान कर उन्हे शिक्षा से जुडने की काम कर रही है।
रिपोर्टर - संजय गुप्ता
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