सावन इतना पावन है कि इसकी महिमा बताने में ब्रह्मा, इंद्र तथा शेषनाग भी समर्थ नहीं - सोनू बाबू

शिवहर - सावन महीना इतना पावन होता है कि इसकी महिमा बताने में भगवान ब्रह्मा,इंद्र तथा शेषनाग भी समर्थ नहीं है।अन्य 11 माह भी पवित्र है पर इसके पंसगें में में भी नहीं है। जानकारी देते हुए राजलक्ष्मी ग्रुप सेवा संस्थान के निदेशक व आध्यात्मिक विचार से ओत-प्रोत देवव्रत नन्दन सिंह उर्फ सोनू बाबू ने कहा है कि शिव की महिमा अपरंपार है। सोनू बाबू ने बताया कि शिवहर जिले में जिले के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम सहित सभी शिवालयों में सावन के पहले रविवार को भव्य पूजा अर्चना की जा रही है, जलाभिषेक किया जा रहा है। सावन महीना का हर दिन,हर तिथि पुण्यमय कल्याणमय है,इसीलिए तो शिव को यह सर्वाधिक प्रिय है। उन्होंने बताया है कि श्रवण शिवरूपक: अर्थात सावन शिव का ही सामायिक रूप है। ऐसे में इसकी महिमा अपने आप बढ़ जाती है। इसीलिए तो शिव भक्ति से अपने तन मन और धन को धन्य करने के लिए यह सत्यमय, शिवमय और सुंदरमय अवसर है।ग्रहजन्य पीड़ा को भी दूर करने का यह महीना उन महीनों से कहीं अधिक फलदाई होता है, इसीलिए जो व्यक्ति जिस ग्रह की पीड़ा से परेशान हो उस ग्रह विशेष के दिन से संबंधित वारव्रत अवश्य करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सावन महीने में पहले ही दिन से शिव आराधना के साथ ही शनि देव,नरसिंह भगवान,हनुमान जी एवं पीपल वृक्ष का पूजन-अर्चन प्रारंभ कर देना चाहिए। साढे़साती की बाधाओ का निवारण होगा। सोनू बाबू ने बताया है कि इस महीने में प्रत्येक शिव मंदिर सुरभि सुसज्जित लगता है जिससे श्रद्धा और भक्ति स्वत: जागने लगती है। उन्होंने कहा कि इस बार सावन में चार सोमवार है यदि भक्त सालों भर सोमवार व्रत करने में समर्थ ना हो तो इन चार सोमवारी से ही वर्ष पर्याय व्रत करने का फल पा सकते हैं।

रिपोर्टर - संजय गुप्ता

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.