सेक्सually Active हैं? इन STI टेस्ट्स को न करें नजरअंदाज – लापरवाही पड़ सकती है भारी

 सेक्सुअल हेल्थ में लापरवाही जानलेवा हो सकती है

अगर आप सेक्सually active हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद अहम है। भारत में आज भी कई लोग सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) के खतरों से अनजान हैं और समय रहते जांच नहीं कराते। यह लापरवाही आगे चलकर न सिर्फ आपकी सेहत बल्कि आपके पार्टनर की सेहत के लिए भी खतरा बन सकती है।

STI क्यों है खतरनाक?

STI या यौन संक्रमण ऐसे रोग हैं जो बिना लक्षणों के भी शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाते हैं। शुरुआती तौर पर किसी तरह की परेशानी महसूस नहीं होती, लेकिन बाद में ये संक्रमण इनफर्टिलिटी, लिवर डैमेज या कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में बदल सकते हैं। इसलिए समय-समय पर टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है।

STI टेस्टिंग में क्या होता है?

STI की जांच के दौरान डॉक्टर आपकी यौन गतिविधियों और हाल ही में हुए किसी रिस्क के बारे में जानकारी लेते हैं। इसके बाद ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और स्वैब टेस्ट किया जाता है।

ब्लड टेस्ट: HIV, सिफिलिस, हेपेटाइटिस B और C की पहचान

यूरिन टेस्ट: गोनोरिया और क्लेमाइडिया

स्वैब टेस्ट: गले, गुदा या वजाइना से सैंपल

फिजिकल जांच: घाव या बदलाव दिखने पर

किसे करवाने चाहिए STI टेस्ट?

CDC के अनुसार, निम्नलिखित लोगों को समय-समय पर STI जांच जरूर करवानी चाहिए:

13–64 साल के सेक्सually active व्यक्ति: साल में एक बार HIV टेस्ट

25 साल से कम उम्र की महिलाएं: हर साल गोनोरिया और क्लेमाइडिया टेस्ट

25+ महिलाएं (रिस्क हो तो): हर साल जांच ज़रूरी

प्रेग्नेंट महिलाएं: HIV, सिफिलिस, हेपेटाइटिस B और C टेस्ट जरूरी

पुरुष जो पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाते हैं: हर 3 से 6 महीने में HIV, सिफिलिस, गोनोरिया और क्लेमाइडिया की जांच

ड्रग इंजेक्शन यूज़ करने वाले: हर साल HIV टेस्ट

ओरल/एनल सेक्स करने वाले: गले और गुदा की जांच पर ज़ोर

STI के कुछ प्रमुख संक्रमण

HIV: इम्यून सिस्टम कमजोर करता है, समय पर इलाज न हो तो AIDS हो सकता है।

गोनोरिया: जननांगों में जलन व डिस्चार्ज, इनफर्टिलिटी का कारण बन सकता है।

क्लेमाइडिया: चुपचाप बढ़ता है, प्रजनन अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है।

सिफिलिस: घाव से शुरू होकर शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित करता है।

हेपेटाइटिस B और C: लिवर को नुकसान, हेपेटाइटिस B के लिए वैक्सीन है।

HPV: महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर का बड़ा कारण, मस्सों के रूप में भी दिखता है।

STI टेस्ट करवाने में शर्म कैसी?

हमारे समाज में STI टेस्ट को लेकर झिझक और शर्म की भावना है, लेकिन यह सिर्फ एक मेडिकल जांच है, जैसी हम शुगर या बीपी की जांच कराते हैं। खुद को और अपने पार्टनर को सुरक्षित रखने के लिए यौन स्वास्थ्य को लेकर ईमानदार और सजग रहना जरूरी है।


अगर आप सेक्सually active हैं, तो समय-समय पर STI जांच करवाना न केवल समझदारी है, बल्कि यह जिम्मेदारी भी है। क्योंकि जागरूकता ही बचाव है।

 

 

 

 

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