क्या नियमों की अनदेखी कर रेड रोज स्कूल को मिलेगी मान्यता

शहडोल : प्रदेश सरकार द्वारा भले ही शिक्षा व्यवस्था पर सुधार लानें को लेकर तमाम प्रयास किये जा रहे हों और शासकीय स्कूलों के साथ निजी विद्यालयों की कमियों में सुधार लानें को लेकर तमाम दिशानिर्देश जारी किये हों, लेकिन आलम यह है जिले भर में ऐसे कई निजी विद्यालय हैं जहां जो न ही शासन के नियमों को पूरा करते नजर आते और न ही यह विद्यालय उन मापदंडों पर खरा उतरते नजर आते जिससे उन निजी विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र / छात्राओं को वह सुविधाएं मिले जिसके वह हकदार है। महज कागजी कोरम पूरा कर मान्यता प्राप्त कर जिले के ऐसे तमाम निजी विद्यालय है जिनकी जब जांच हुई तो तमाम कमियां सामनें आ गई, जिसके बाद जिले के राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा उक्त विद्यालयों की मान्यता शैक्षणिक सत्र 2025-25 के लिये समाप्त कर दी गई। जिसके बाद इन निजी विद्यालयों को संचालक अब कमियों को दूर करनें की जगह पावर व पहुंच का इस्तेमाल कर मान्यता की बहाली में लगे नजर आ रहे हैं।
जानिये क्या है आदेश
कार्यालय कलेक्टर,जिला शिक्षा केन्द्र शहडोल द्वारा बीते 21 मार्च को एक आदेश जारी किया गया जिसमें जिले के विभिन्न विकासखण्डों में संचालित 13 अशासकीय स्कूलो की मान्यता निरस्त की गई। उक्त आदेश में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में राज्य शिक्षा केन्द्र के द्वारा मान्यता सम्बन्धी दिये गये निर्देश के अनुरूप निर्धारित मापदण्डो की पूर्ति न होने के कारण उक्त निजी स्कूलो की मान्यता आपके अनुसंशा के आधार पर निरस्त की गई थी। जिसमें ब्यौहारी के ललिता स्कूल, बुढार का न्यू सनराईज हिंदी/ इंग्लिश मीडियम मिडिल स्कूल, बुढार के अमराडंडी स्थित गायत्री विद्या मंदिर, सोहागपुर ब्लाक का जेजे पब्लिक स्कूल, सरईकापा,जयसिंहनगर ब्लाक का डॉ भीमराव अंबेडकर मिडिल स्कूल ,मिसियारी, सोहागपुर ब्लाक का मोंटेशनरी बाल मंदिर हायर सेकेण्डरी स्कूल, आशीष एकेडमी स्कूल, शहडोल, रिनान पब्लिक स्कूल, शहडोल,गार्डन पब्लिक स्कूल, शहडोल, आदर्श नेहरु बाल मंदिर इंग्लिश मीडियम स्कूल, शहडोल बुढार विकासखंड का भारती इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल बुढार, सेंट जोसफ इंग्लिश मीडियम स्कूल, बुढार व सोहागपुर विकासखंड अंर्तगत धनपुरी में संचालित रेड रोज स्कूल शामिल है।उक्त निजी विद्यालयों की मान्यता निरस्त होनें के पश्चात इनके पास जहां अपनी मान्यता को बहाल करनें के लिये उन तमाम नियमों को पालन करना है।
जानिये रेड रोज हा.से. स्कूल धनपुरी की भौतिक स्थिति
जानकारी के मुताबिक विकास खण्ड स्त्रोत समन्वयक द्वारा बीते कुछ माह पूर्व जब अपनें अपनें क्षेत्रों के निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया गया तो उनमें तमाम कमियां पाई गई, जानकारी के मुताबिक जांच टीम के पास शासन के नियमानुसार ऐसे लगभग 20 बिंदु थे जिनका भौतिक सत्यापन करना था। जानकारी के मुताबिक इसी जांच के लिये जब उक्त टीम धनपुरी के रेड रोड स्कूल पहुंची तो वहां ऐसी तमाम कमियां देखनें को मिली जिसके बाद उक्त स्कूल की मान्यता निरस्ती की कार्यवाही की गई। सूत्र बताते हैं कि इन कमियों पर पर्दा डालनें के तमाम प्रयास स्कूल संचालक द्वारा किया गया लेकिन जांच दल द्वारा जो रिपोर्ट सौंपी गई उसमें उन तमाम कमियों का स्पष्ट उल्लेख था।
चंद कमरों में संचालित स्कूल, न उपयुक्त टायलेट न ही प्रयोगशाला
जानकारी के मुताबिक वर्षों से संचालित रेड रोज स्कूल के संचालक द्वारा एक ही परिसर में भले ही नर्सरी से लेकर 12 वीं तक की कक्षाएं संचालित किये हो लेकिन भौतिक स्तर पर यहां कक्षाओं के संचालन के कमरे तक उपयुक्त उपलब्ध नहीं है। यदि नर्सरी से 12 वीं जिसमें गणित, विज्ञान व कामर्स संकाओं के विषय शामिल हो तो सहज ही रुप से प्रयोगशाला, पुस्तकालय, प्रिंसपल रुम इत्यादि मिलाकर कम से कम 22 कमरों की उपलब्धता आवश्यक हो सकती है। लेकिन उक्त स्कूल में महज कुल 15 कमरे ही हैं जिनमें सभी कक्षाएं संचालित है। यदि इन कमरों को नर्सरी से लेकर 12 तक कि शैक्षणिक व्यवस्था के लिये प्रथक किया जाये तो इसका आंकलन लगाया जा सकता है कि स्कूल की व्यवस्था कैसी है। वहीं किसी भी विद्यालय में प्रसाधन को लेकर भी उपयुक्त व्यवस्था होना अनिवार्य होता है, नियमानुसार छात्र / छात्राओं की संख्या के अनुसार टॉयलेट व विकलांग छात्रों के लिये प्रथक टॉयलेट होना अनिवार्य है लेकिन हमारी जानकारी में उक्त विद्यालय में महज दो ही टॉयलेट उपलब्ध है।
प्लेग्राउंड का भी पता नहीं, नॉन बीएड, शिक्षकों की तैनाती
शैक्षणिक कार्यों के लिये शासन स्तर पर स्पष्ट निर्देश हैं कि जिन शिक्षकों की तैनाती हो उनकी शैक्षणिक योग्यता मापदंडों के अनुरुप हो, इन शिक्षकों का बीएड़ होना आवश्यक है। लेकिन जानकारी है कि उक्त विद्यालय के जांच में विद्यालय के संचालक महज 4 से 5 ही शिक्षकों की सूची उपलब्ध करा सकें, जो इन मापदंडों में थे। वहीं उक्त विद्यालय में अध्ययनरत छात्रों की क्रीडा व्यवस्था के लिये समुचित खेल मैदान का भी होना आवश्यक है, लेकिन रेड रोज स्कूल प्रबंधन के पास अध्ययनरत छात्रों के क्रीडा व्यवस्था को लेकर भी माकूल इंतजाम नहीं है।
नजूल की भूमि पर बिल्डिंग, जांच का विषय, पूर्व में कैसे मिली मान्यता
सूत्र बताते हैं कि धनपुरी के जिस स्थान पर रेड रोज स्कूल ही बिल्डिंग मौजूद है उसके राजस्व अभिलेखों की यदि जांच की जाये तो तमाम खामियां देखनें को मिल सकती है, ऐसे में उक्त स्कूल को पूर्व में कैसे मान्यता प्राप्त हुई यह भी बड़े जांच का विषय है। सूत्र बताते हैं कि उक्त बिल्डिंग के संचालक द्वारा बीते समय आसपास की खाली भूमि पर भी निर्माण कार्य कराया गया, जिसकी शिकायते भी हुई लेकिन इनके प्रभाव के चलते कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।
अधर में लटकी मान्यता, दाखिला जारी... नहीं दी जा रही शुल्क की पावती
अहम पहलू यह भी है कि एक तरफ जहां उक्त विद्यालय की मान्यता मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिये अधर में लटकी है वहीं उक्त स्कूल मे गुपचुप तरीके से विभिन्न कक्षाओं में दाखिले की प्रक्रिया जारी है। सूत्र बताते हैं कि जिन अभिभावकों को उक्त विद्यालय कि मान्यता निरस्त होनें की जानकारी नहीं है और वहां यदि अभिभावक एडमीशन लेनें पहुंच रहे हैं तो बकायदे उन्हें दाखिला दिया जा रहा है और उनसे शुल्क भी वसूल किया जा रहा है, लेकिन पावती नहीं दी जा रही है। ऐसे में सवाल यह भी है कि इन तमाम कमियों को नजरअंदाज कर क्या उक्त विद्यालय को शर्तों के साथ मौजूदा सत्र के लिये मान्यता प्रदान की जा सकती है।
इनका कहना है
13 निजी स्कूलों की मान्यता निरस्त की गई है, यदि मापदंडों के अनुरुप इनके संचालकों द्वारा कोरम पूरा कर लिया जायेगा तो मान्यता बहाली होगी, हलांकि कलेक्टर कार्यालय में कुछ निजी स्कूल मान्यता बहाली के लिये आवेदन किये हुये है।
अमरनाथ सिंह, डीपीसी, राज्य शिक्षा केन्द्र, शहडोल
रिपोटर - रजनीश शर्मा
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