13 करोड़ राम नाम लेखन पूर्ण होने पर साधक जगदीश प्रसाद मीना का हुआ सम्मान

शाजापुर : “राम नाम लिखने से बढ़कर कोई साधना नहीं और राम स्मरण से बढ़कर कोई सेवा नहीं”—इस भाव को साकार करते हुए विगत वर्षों से निशब्द, निस्वार्थ एवं निरंतर साधना में संलग्न श्री भगत जगदीश प्रसाद मीना ने समाज में आस्था, संस्कार और चेतना को जीवंत बनाए रखा है। वर्ष 1999 से ग्राम–ग्राम और जन–जन तक “राम” एवं “ॐ नमः शिवाय” के पावन नाम का लेखन कराना केवल धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि समाज को शांति और नैतिक मूल्यों से जोड़ने वाला एक महान आध्यात्मिक यज्ञ बन चुका है।

श्री मीना के अथक प्रयासों से अब तक लगभग 13 करोड़ राम नाम लेखन पूर्ण होना उनकी तपस्या, धैर्य और सेवा भाव का अद्भुत उदाहरण है। यह साधना मात्र शब्दों का लेखन नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि और सामाजिक उत्थान का मार्ग है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा एवं श्रद्धा की अमूल्य धरोहर बनेगा।
13 करोड़ राम नाम लेखन पूर्ण होने के इस पावन अवसर पर विधायक घनश्याम चंद्रवंशी द्वारा जगदीश प्रसाद मीना का स्वागत एवं सम्मान किया गया। विधायक श्री चंद्रवंशी ने उनके कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे साधकों की साधना समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती है तथा युवाओं को सेवा और संस्कार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं एवं गणमान्य नागरिकों ने भी श्री मीना की साधना को नमन करते हुए उनके दीर्घायु एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

रिपोर्टर : रमेश राजपूत

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