उचावद मंडल के ग्राम हड़लाय कला में हुआ विराट हिंदू सम्मेलन, बना सामाजिक समरसता का प्रतीक

शाजापुर : उचावद मंडल के ग्राम हड़लाय कला में संत सिंगाजी महाराज हिंदू सम्मेलन आयोजन समिति के तत्वावधान में एक विराट हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। यह सम्मेलन परमार मैरिज गार्डन, बोलदा रोड पर हुआ, जो सामाजिक समरसता का अनोखा उदाहरण बना।

कार्यक्रम की शुरुआत भारत माता के पूजन अर्चन से हुई, जिसमें महामंडलेश्वर श्री 1008 दीपक दास महाराज, आरती वैष्णव और दिनेश शर्मा भारतीय किसान संघ के सहसंगठन मंत्री, मालवा प्रांत ने भाग लिया। पंडाल में महापुरुषों के चित्र, हिंदू धर्म की महत्वपूर्ण जानकारियों और गो उत्पादों के स्टाल लगाए गए। इसके अलावा, गायत्री परिवार द्वारा धार्मिक पुस्तकों के स्टाल भी आकर्षण का केंद्र बने।
समारोह का संचालन डॉक्टर राम जी मानवत ने किया, जबकि कार्यक्रम में आए सभी श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं का आभार श्री कौशल जी परमार ने व्यक्त किया।
मुख्य वक्ता दिनेश शर्मा ने अपने उद्बोधन में संघ के 100 वर्षों की यात्रा और हिंदू समाज में सामाजिक समरसता की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नगर और ग्राम में एक मंदिर, एक शमशान और एक जलाशय होना चाहिए, ताकि हिंदू समाज में एकता बनी रहे।
आरती जी वैष्णव ने संघ के पंच परिवर्तन के साथ-साथ सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी आचरण और नागरिक कर्तव्यों पर अपना वक्तव्य दिया।
संत महामंडलेश्वर श्री 1008 दीपक दास महाराज ने कहा कि हिंदू समाज को प्रभु श्री राम के समान सभी बंधुओं को अंगीकार करने की आवश्यकता है। उन्होंने भाई-भाई के बीच त्याग और समर्पण की भावना को और मजबूत करने पर बल दिया, ताकि हमारा हिंदू सम्मेलन सफल हो सके।
इस आयोजन में पंडाल में महापुरुषों की तस्वीरों के दृश्य, गो उत्पाद स्टाल, और गायत्री परिवार द्वारा धार्मिक पुस्तकों के स्टाल ने सभी उपस्थित लोगों को भाव-विभोर कर दिया। साथ ही, "एक संगत, एक पंगत" का दृश्य भी सामाजिक समरसता का प्रतीक बना।
यह हिंदू सम्मेलन न केवल धार्मिक एकता को बढ़ावा देने का एक कदम था, बल्कि समाज में भाईचारे और प्रेम की भावना को और प्रगाढ़ करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हुआ।

रिपोर्टर : रमेश राजपूत

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