परियोजना कार्य से स्वरोज़गार की राह बनाकर विद्यार्थी रोज़गार लेने नहीं देने की सोच विकसित करें
शाजापुर : प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, बीकेएसएन शासकीय महाविद्यालय में विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों को परियोजना (प्रोजेक्ट) कार्य की प्रक्रिया को समझाने के लिए एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर रसायनशास्त्र विभागाध्यक्ष एवं आईटी नोडल अधिकारी डॉ. अरुण कुमार बोड़ाने ने पावर प्वाइंट प्रेज़ेंटेशन के माध्यम से राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 तथा परियोजना कार्य की संपूर्ण प्रक्रिया को विस्तारपूर्वक समझाया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ. बोड़ाने ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक युग में केवल सरकारी नौकरी ही एकमात्र विकल्प नहीं है, बल्कि विद्यार्थी रोजगारोन्मुख परियोजना कार्य को पूर्ण कर स्वयं का स्वरोज़गार भी स्थापित कर सकते हैं। इससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगे, बल्कि दूसरों को रोज़गार देने में भी सक्षम होंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए डॉ. बोड़ाने ने बताया कि इस नीति का प्रमुख उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि वे किसी पर निर्भर न रहते हुए “आत्मनिर्भर भारत” की संकल्पना को साकार करने में अपना योगदान दे सकें। अतः विद्यार्थियों को चाहिए कि वे परियोजना विषय का चयन सोच-समझकर, अपनी रुचि, क्षमता एवं भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए करें, ताकि प्रोजेक्ट कार्य उनके शैक्षणिक विकास के साथ-साथ व्यावसायिक उन्नति का भी आधार बन सके।
रिपोर्टर : रमेश राजपूत

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