अमरनाथ यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं का अकोदिया में भव्य स्वागत
शाजापुर - बाबा अमरनाथ,माता वैष्णो देवी सहित विभिन्न पवित्र तीर्थस्थलों की 10 दिवसीय यात्रा पूर्ण कर अकोदिया लौटे श्रद्धालुओं का नगरवासियों ने भव्य एवं भावपूर्ण स्वागत किया। रेलवे स्टेशन से ढोल-नगाड़ों, जयकारों और धार्मिक उत्साह के बीच शोभायात्रा निकाली गई,जो नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। मार्ग में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की गई, अंगवस्त्र भेंट किए गए तथा पुष्पमालाएं पहनाकर उनका अभिनंदन किया गया। यात्रा का नेतृत्व समाजसेवी अरुण शर्मा (बाबा) ने किया। उनके साथ गोविंद चौहान, पवन शर्मा, नितेश चौहान, सचिन शर्मा, राकेश शर्मा, गजराज पांचाल, सुमित ठाकुर, विकास मेवाड़ सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे। नगरवासियों ने सभी तीर्थयात्रियों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उनकी सुखद एवं मंगलमय यात्रा पर हर्ष व्यक्त किया। स्वागत समारोह में पार्षद राजकुमार राठौर, पत्रकार कमल प्रजापति,रमेश राजपूत, दीपक अग्रवाल, प्रकाश केवट, महेश कंचन, पंकज गुप्ता, मुकेश खत्री, चांगीराम ठाकुर, डिग्गी ठाकुर,अरुण कुशवाह,गोलू गुप्ता सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे। मुस्लिम समाज ने भी किया तीर्थ यात्रियों का स्वागत
तीर्थ यात्रियों का स्वागत अकोदिया नगर में मुस्लिम समाज के द्वारा भी किया गया । इस अवसर पर राजू भाई कबाड़ी, आरिफ भाई,शईद भाई कबाड़ी, राजू ड्राइवर,आसिक भाई,हनिफ बाबा, आज़ाद भाई, यूसुफ भाई आदी ने साफा बांधकर मिठाई खिलाकर एवं फूल माला पहनकर भव्य स्वागत किया। सेवा और समर्पण के लिए मिला विशेष सम्मान अरुण शर्मा (बाबा) की समाजसेवा एवं धार्मिक कार्यों के प्रति समर्पण को लेकर नगरवासियों ने विशेष सम्मान व्यक्त किया। वे पिछले पांच वर्षों से प्रत्येक श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्राओं के दौरान पूरे एक माह तक श्रद्धालुओं के स्वागत, फलाहार वितरण एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की निस्वार्थ सेवा करते आ रहे हैं। उनकी इसी सेवा भावना और समाजहित के कार्यों से प्रभावित होकर नगर के विभिन्न स्थानों पर उनका पुष्पवर्षा कर सम्मान किया गया। नगरवासियों ने कहा कि समाज और धर्म के प्रति समर्पित ऐसे सेवाभावी व्यक्तित्व समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। अमरनाथ यात्रा से लौटे श्रद्धालुओं एवं अरुण शर्मा (बाबा) के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब अकोदिया की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सेवा संस्कृति का जीवंत उदाहरण बन गया।
रिपोर्टर - रमेश राजपूत
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