नगर परिषद की बैठक में 48 प्रस्तावों पर लगी मुहर, शराब दुकान हटाने और अतिक्रमण पर कार्रवाई के संकेत
शाजापुर : 15 में से केवल 7 पार्षद रहे मौजूद, वार्ड-15 की शराब दुकान और शहर में बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी उठाशाजापुर जिले के नगर परिषद अकोदिया की सामान्य परिषद बैठक शुक्रवार को परिषद सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर परिषद अध्यक्ष रचना शर्मा ने की, जबकि मुख्य नगरपालिका अधिकारी कमल कुमार परमार मौजूद रहे। दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक चली बैठक में परिषद के 15 निर्वाचित पार्षदों में से केवल 7 पार्षद ही उपस्थित रहे। एल्डरमैनों की मौजूदगी में कुल 48 प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान की गई।बैठक में स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, सड़क एवं नाली निर्माण, टीन शेड निर्माण, आंगनवाड़ी भवन, गीता भवन, गौशाला विकास, स्ट्रीट लाइट, स्वागत द्वार सहित विभिन्न विकास कार्यों से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक निर्णय लिए गए।
रेलवे स्टेशन के पास शराब दुकान हटाने की उठी मांग
बैठक में वार्ड-15 की पार्षद रेखा खत्री ने रेलवे स्टेशन फाटक के समीप संचालित शराब दुकान का मामला प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि रेलवे फाटक बंद होने पर बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे, महिलाएं और आम नागरिक वहां रुकते हैं। शराब दुकान के कारण आए दिन विवाद और झगड़े की स्थिति बनती है, जिससे लोगों को असुविधा और असुरक्षा का सामना करना पड़ता है।
इस पर सीएमओ कमल कुमार परमार ने बताया कि सोमवार को शराब ठेकेदार को नोटिस जारी किया जाएगा तथा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराकर दुकान को अन्य स्थान पर स्थानांतरित कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा अभियान
बैठक में बस स्टैंड से रेलवे स्टेशन और टप्पा चौराहे तक बढ़ते अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। पार्षदों ने कहा कि सड़क किनारे लगने वाले हाथ ठेले एवं अन्य अतिक्रमण के कारण यातायात प्रभावित हो रहा है और आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पर परिषद प्रशासन ने शीघ्र ही विशेष अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।
पार्षदों की कम उपस्थिति बनी चर्चा का विषय
बैठक में 15 में से केवल 7 पार्षदों की मौजूदगी भी शहर में चर्चा का विषय रही। नगर परिषद के गठन को लगभग चार वर्ष पूरे होने के बावजूद सामान्य परिषद बैठकों में लगातार कम उपस्थिति देखी जा रही है। विकास कार्यों पर निर्णय लेने वाली महत्वपूर्ण बैठकों से जनप्रतिनिधियों की दूरी को लेकर नागरिकों में सवाल उठ रहे हैं। शहर में यह चर्चा भी रही कि परिषद के जनप्रतिनिधियों के बीच अब भी आपसी मतभेद बने हुए हैं, जिसका असर बैठकों की उपस्थिति पर दिखाई दे रहा है।
रिपोर्टर : चीफ रमेश राजपूत
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