शुजालपुर महाविद्यालय में मनाया गया अक्षय ऊर्जा दिवस

शाजापुर : जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय शुजालपुर में 20 अगस्त 2026 को अक्षय ऊर्जा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा इनके अधिकाधिक उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जिस देश में ऊर्जा की बचत के साथ नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का समुचित उपयोग और दोहन होगा, वह देश विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा। भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दिशा में सौर ऊर्जा, पवन ऊर्जा, जल ऊर्जा, बायोमास तथा ग्रीन हाइड्रोजन जैसे स्रोतों का उपयोग लगातार बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राणीशास्त्र एवं कंप्यूटर विज्ञान विभाग द्वारा किया गया। डॉ. मुकेश सिंह मेवाड़ा ने विद्यार्थियों को अक्षय ऊर्जा के विभिन्न स्रोतों की जानकारी देते हुए सौर ऊर्जा, जल ऊर्जा, पवन ऊर्जा, बायोमास एवं ग्रीन एनर्जी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के प्रोजेक्ट तैयार करने तथा दैनिक जीवन में अधिकतम नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. आनंद अजनोदिया ने बताया कि भारत में प्रत्येक वर्ष 20 अगस्त को अक्षय ऊर्जा दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य ऐसे ऊर्जा स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना है, जो प्राकृतिक रूप से लगातार उपलब्ध होते हैं और समाप्त नहीं होते। उन्होंने बताया कि भारत में यह दिवस वर्ष 2004 से मनाया जा रहा है। वर्ष 2026 की थीम “स्वच्छ ऊर्जा की न्यायसंगत और निष्पक्ष दिशा” रखी गई है, जिसमें किसी भी समुदाय को पीछे छोड़े बिना सतत ऊर्जा अपनाने पर जोर दिया गया है।
डॉ. सौरभ नेमा ने कहा कि अक्षय ऊर्जा दिवस का उद्देश्य सौर, पवन, जल एवं बायोमास जैसे प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा कोयला, पेट्रोल और डीजल जैसे सीमित एवं प्रदूषणकारी जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करना है।
डॉ. सुनील मेवाड़ा ने पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में अक्षय ऊर्जा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग जलवायु परिवर्तन एवं प्रदूषण को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
डॉ. साकिब मलिक ने ऊर्जा सुरक्षा एवं सतत विकास पर चर्चा करते हुए कहा कि देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए भविष्य के लिए ऊर्जा के सुरक्षित एवं आत्मनिर्भर विकल्प विकसित करना आवश्यक है। आर्थिक प्रगति के साथ पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना भी समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के विज्ञान विभाग का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा। अंत में डॉ. प्रियांशु नेमा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

रिपोर्टर :  रमेश राजपूत

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