अकोदिया में पार्षद के निजी कार्यक्रम के लिए बीच सड़क पर टेंट, यातायात व्यवस्था ठप

शाजापुर : बिना अनुमति बंद कराया रास्ता, नगर परिषद के सरकारी वाहन और बैरिकेड्स का इस्तेमाल; पुलिस ने मौके पर पहुंचकर खुलवाया मार्ग शाजापुर जिले के अकोदिया नगर में एक पार्षद के निजी कार्यक्रम को लेकर यातायात व्यवस्था बाधित होने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यक्रम के लिए बिना अनुमति परशुराम चौराहे से सिद्ध विनायक चौराहे तक मुख्य सड़क पर ही टेंट लगा दिया गया। इतना ही नहीं, यातायात रोकने के लिए नगर परिषद के सरकारी वाहन और बैरिकेड्स भी लगा दिए गए। इससे सड़क पर आवागमन प्रभावित हुआ और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सड़क पर टेंट लगने और रास्ता बंद होने के कारण बड़े और छोटे वाहनों को दूसरे मार्गों से निकलना पड़ा। इस दौरान एंबुलेंस और स्कूली वाहनों के आवागमन को लेकर भी परेशानी होने की बात सामने आई है। नगर के प्रमुख मार्ग पर इस तरह यातायात बाधित होने से लोगों में नाराजगी देखी गई।

निजी कार्यक्रम में सरकारी संसाधनों का उपयोग कैसे?
मामले ने नगर परिषद के सरकारी संसाधनों के उपयोग को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि किसी जनप्रतिनिधि के निजी कार्यक्रम के लिए नगर परिषद के वाहनों और बैरिकेड्स का इस्तेमाल किसकी अनुमति से किया गया? क्या सड़क पर टेंट लगाकर यातायात रोकने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी? यदि अनुमति नहीं थी, तो इस व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?
थाना प्रभारी ने कही अनुमति नहीं लेने की बात
मामले में थाना प्रभारी के अनुसार, आयोजक द्वारा किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बैरिकेड्स हटवाकर यातायात सुचारू कराया। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद मार्ग पर आवागमन बहाल किया गया।
आम नागरिकों के लिए नियम और जनप्रतिनिधियों के लिए अलग व्यवस्था?
इस घटना के बाद नगर में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि आम नागरिकों को छोटे आयोजन के लिए भी अनुमति लेने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, तो फिर सार्वजनिक सड़क पर निजी कार्यक्रम आयोजित कर यातायात बाधित करने की स्थिति कैसे बनी? सार्वजनिक सड़क आम लोगों की सुविधा और आवागमन के लिए होती है। ऐसे में किसी भी निजी आयोजन के कारण लोगों को परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करना संबंधित आयोजकों और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही है।
अब देखना होगा कि नगर परिषद के सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल और सड़क पर टेंट लगाने के मामले में संबंधित जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया जाता है या नहीं।

रिपोर्टर : रमेश राजपूत

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