चिकित्सकों की सुरक्षा और पुलिस की तत्परता—तीनों पर गंभीर प्रश्न
शामली - मुजफ्फरनगर थाना भोराकला क्षेत्र के ग्राम मूँडभर से सामने आया यह मामला जनपद की कानून-व्यवस्था के लिए अत्यंत गंभीर और संवेदनशील चेतावनी है। प्लॉट पर निर्माण को लेकर उपजे विवाद में घर में घुसकर एक हृदय रोगी डॉक्टर पर हथौड़े से जानलेवा हमला किया गया,जिसके बाद पीड़ित डॉक्टर को आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा। घटना ने महिला सुरक्षा,चिकित्सकों की सुरक्षा और पुलिस की तत्परता—तीनों पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। पीड़िता रेखा पत्नी स्वर्गीय जयकुमार (विधवा),निवासी ग्राम मूँडभर,ने पुलिस अधीक्षक शामली को दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया कि प्लॉट खरीदने के बाद से पड़ोसियों द्वारा लगातार दबाव,धमकी और अवैध हस्तक्षेप किया जा रहा है। पूर्व में प्रशासनिक हस्तक्षेप से अस्थायी शांति बनी, किंतु ठोस कार्रवाई के अभाव में आरोपियों का दुस्साहस बढ़ता गया। समय निर्माण कार्य के दौरान पुनः हंगामा हुआ। पुलिस की मौजूदगी के बीच कुछ लोगों को थाने ले जाया गया। इसी दौरान,घर पर अकेले मौजूद डॉ.सत्यकुमार पर आरोपियों के परिजनों ने लाठी-डंडों,सरियों व ईंटों से हमला किया। आरोप है कि हथौड़े से सिर पर वार कर गंभीर चोट पहुंचाई गई और हमलावर जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घायल डॉक्टर को पहले सीएचसी शाहपुर और तत्पश्चात शामली स्थित ग्लोबल शांति केयर हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती कराया गया,जहां उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
यह प्रकरण सामान्य विवाद नहीं,बल्कि महिला-सुरक्षा, चिकित्सक-सुरक्षा और प्रभावशाली तत्वों के दबाव में कानून के कमजोर क्रियान्वयन का संकेत देता है। जनहित में अपेक्षित है कि उच्चस्तरीय संज्ञान,त्वरित गिरफ्तारी, और कठोर धाराओं में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए,ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जनता का प्रश्न स्पष्ट है— जब शिकायतों के बावजूद निर्णायक कदम नहीं उठते, तो आम नागरिक अपनी जान-माल की सुरक्षा किससे अपेक्षित करे?
रिपोर्टर - अविनाश शर्मा


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