कुटी मंदिर की जमीन पर 'फर्जी पत्रकारों' की टेढ़ी नजर, हाई कोर्ट से झटका लगने के बाद भी कब्जे की कोशिश
शामली : जनपद के चर्चित कुटी मंदिर की संपत्ति को लेकर ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। आरोप है कि कुछ लोग “पत्रकार” का नाम लेकर मंदिर की जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे न सिर्फ धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं बल्कि कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो ये वही लोग हैं जो पत्रकारिता की आड़ में दबाव बनाने, डराने और अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई साधारण विवाद नहीं, बल्कि सुनियोजित तरीके से मंदिर की संपत्ति पर कब्जा करने का खेल खेला जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस मामले को लेकर पहले न्यायालय में सुनवाई हो चुकी है और इलाहाबाद हाई कोर्ट से संबंधित मुकदमा खारिज हो चुका है। यानी कोर्ट का रुख साफ हो चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोग कानून को ठेंगा दिखाते हुए जमीन पर कब्जा करने की फिराक में जुटे हुए हैं।
हालात तब और बिगड़ गए जब इन तथाकथित “पत्रकारों” द्वारा साधु-संतों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश का मामला सामने आया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, माहौल को जानबूझकर गरमाया गया ताकि दबाव बनाकर अपने मंसूबों को अंजाम दिया जा सके।
हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस प्रशासन ने सूझबूझ दिखाते हुए स्थिति को बिगड़ने से बचा लिया। अगर समय रहते पुलिस हस्तक्षेप न करती, तो यह विवाद बड़ा रूप ले सकता था।
सीओ सिटी की ओर से साफ चेतावनी दी गई है कि तहरीर मिलते ही तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सीधे जेल भेजा जाएगा।
स्थानीय श्रद्धालुओं और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि मंदिर की जमीन कोई निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि आस्था का केंद्र है — और इस पर कब्जा करने की कोशिश करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए।
बड़ा सवाल यह है कि आखिर कोर्ट के फैसले के बाद भी ये लोग किसके दम पर इतना दुस्साहस दिखा रहे हैं? क्या इसके पीछे कोई बड़ा खेल है? क्या प्रशासन को खुली चुनौती दी जा रही है?
अब जरूरत है सख्त और तत्काल कार्रवाई की — ताकि न सिर्फ कानून का सम्मान बना रहे, बल्कि ऐसे तत्वों को भी साफ संदेश मिल सके कि धर्मस्थल और कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है।
रिपोर्टर : अविनाश शर्मा
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