शामली के इनामी बदमाश अकरम ढेर, परिजनों ने उठाए सवाल
शामली : देहरादून में देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में शामली जनपद के इनामी बदमाश अकरम को पुलिस ने मार गिराया। अकरम मूल रूप से गांव बंटा, थाना गढ़ी पुख्ता, जनपद शामली का रहने वाला था।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम पुलिस के अनुसार अकरम देहरादून में एक मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम से उसकी मुठभेड़ हो गई। जवाबी कार्रवाई में अकरम मारा गया।
इनामी और कुख्यात अपराधी था अकरम
अकरम पर शामली समेत आसपास के जिलों और अन्य राज्यों में भी दर्जनों मुकदमे दर्ज थे। उत्तराखंड पुलिस ने उस पर ₹50,000 का इनाम घोषित कर रखा था, जबकि शामली पुलिस की ओर से ₹5,000 का इनाम था।
उस पर एक कृषि अधिकारी के बेटे अंकित कुमार की डकैती के दौरान गोली मारकर हत्या करने का भी आरोप था, जिससे वह पुलिस के निशाने पर था।
आपराधिक इतिहास
अकरम लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था और झिंझाना, बाबरी समेत कई थाना क्षेत्रों में घटनाओं को अंजाम दे चुका था।
उसका भाई असलम भी वर्ष 2017 में शामली के बाबरी थाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
परिजनों ने उठाए गंभीर सवाल
एनकाउंटर के बाद अकरम के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि यह मुठभेड़ नहीं बल्कि एक बड़े जमीन विवाद से जुड़ा मामला है।
परिजनों के मुताबिक देहरादून क्षेत्र में अकरम के रिश्तेदारों की करीब ₹1100 करोड़ की संपत्ति है और इसी विवाद के चलते उसे मार दिया गया।
परिवार का यह भी दावा है कि अकरम कुछ समय से आपराधिक गतिविधियों से दूर था और सहारनपुर में रह रहा था।
जांच जारी
फिलहाल उत्तराखंड पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। वहीं परिजनों के आरोपों के बाद एनकाउंटर की निष्पक्षता को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।
निष्कर्ष:एक ओर पुलिस इसे बड़ी सफलता मान रही है, वहीं दूसरी ओर परिजनों के आरोप इस मामले को और संवेदनशील बना रहे हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे सच्चाई सामने आ सके।
रिपोर्टर : अविनाश शर्मा


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