महिला थाने में महिला का आत्महत्या का प्रयास, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
शामली - जनपद के महिला थाने में उस समय हड़कंप मच गया जब एक पीड़ित महिला ने मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि महिला अपने पति और ससुराल पक्ष से कथित प्रताड़ना से परेशान थी और शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। मौके पर मौजूद होमगार्ड की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया। होमगार्ड ने तुरंत महिला को पकड़कर आत्महत्या के प्रयास को विफल कर दिया और उच्च अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद महिला को मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति और ससुराल पक्ष के लोग आए दिन उसके साथ मारपीट करते थे। विरोध करने पर उसे घर से निकाल दिया गया। महिला ने इस संबंध में पुलिस, वन स्टाफ सेंटर और अन्य अधिकारियों से कई बार शिकायत करने का दावा किया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामला शामली जनपद की सदर कोतवाली क्षेत्र के गांव खेड़ी कर्मू का बताया जा रहा है। पीड़िता परमिता की शादी करीब डेढ़ साल पहले कोतवाली क्षेत्र के गांव खुदाना में हुई थी। सूत्रों के अनुसार, उसने पहले भी पति सहित पांच लोगों के खिलाफ मारपीट और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। वहीं,वन स्टाफ सेंटर की इंचार्ज काजल का कहना है कि उनके यहां इस महिला की कोई शिकायत दर्ज नहीं है। इस विरोधाभास ने मामले को और उलझा दिया है। घटना के बाद महिला थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। यह भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि महिला ने थाने में ही आत्महत्या का प्रयास क्यों किया, जबकि पास में अन्य पुलिस कार्यालय भी मौजूद थे।
गौरतलब है कि इससे पहले भी महिला थाने में कार्रवाई न होने से नाराज महिलाओं द्वारा आत्महत्या के प्रयास की घटनाएं सामने आ चुकी हैं,लेकिन अब तक संबंधित अधिकारियों या कर्मियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच की बात कह रही है,लेकिन इस घटना ने एक बार फिर महिला सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रिपोर्टर - अविनाश शर्मा


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