जनपद शामली में चला बाल श्रम उन्मूलन अभियान, व्यापारियों में मचा हड़कंप

शामली : उत्तर प्रदेश सरकार के बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश अभियान के तहत जनपद शामली में संयुक्त टीम द्वारा विशेष अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान कैराना और कांधला क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर बाल श्रमिकों को चिन्हित किया गया तथा संबंधित सेवायोजकों के विरुद्ध निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।
माननीय जिलाधिकारी आलोक यादव एवं पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के निर्देश पर सहायक श्रम आयुक्त अरविंद मद्धेशिया के निर्देशन में श्रम प्रवर्तन अधिकारी विंध्याचल शुक्ला, थाना मानव तस्करी विरोधी टीम तथा स्वैच्छिक संगठन जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन-ग्रामीण समाज विकास केंद्र की संयुक्त टीम ने यह अभियान चलाया।
श्रम प्रवर्तन अधिकारी विंध्याचल शुक्ला ने कहा कि कोई भी सेवायोजक अपने प्रतिष्ठान पर 18 वर्ष से कम आयु के किशोर से कार्य न कराए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे का पहला अधिकार शिक्षा है और शासन के निर्देशानुसार बाल श्रम उन्मूलन अभियान लगातार जारी रहेगा।
सहायक श्रम आयुक्त अरविंद मद्धेशिया ने कहा कि वर्ष 2027 तक बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को साकार करने के लिए विभाग लगातार प्रयासरत है। बच्चों को बाल श्रम जैसी कुरीति से मुक्त कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना ही अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।
स्वैच्छिक संगठन जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन-ग्रामीण समाज विकास केंद्र के प्रतिनिधि गजेंद्र ने कहा कि संस्था शासन और प्रशासन के साथ मिलकर समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ कार्य कर रही है और हर बच्चे को शिक्षित बनाने के उद्देश्य से जनपद शामली में निरंतर प्रयासरत है।
अभियान को सफल बनाने में थाना मानव तस्करी विरोधी टीम से प्रमोद कुमार एवं अमरदीप, श्रम विभाग से मुनव्वर जंग तथा संस्था से गौरव मलिक का विशेष योगदान रहा।
 कैराना और कांधला में संयुक्त टीम की कार्रवाई से बाल श्रम कराने वाले प्रतिष्ठानों में हड़कंप, कई स्थानों पर जांच कर शुरू की गई विधिक कार्रवाई।

रिपोर्टर : अविनाश शर्मा 

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