दबंग पड़ोसी से परेशान 5 परिवारों ने मकान पर लगाया पलायन का बैनर।

शामली - थाना भवन थाना क्षेत्र के ग्राम नांगल,जहां पुश्तैनी रास्ते को लेकर चल रहा विवाद अब गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। गांव निवासी दीपक पुत्र सेवाराम एवं उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने अपने मकानों तक जाने वाले रास्ते के बंद होने का आरोप लगाते हुए खुद को पलायन के लिए मजबूर बताया है। परिवार ने विरोध स्वरूप अपने मकान पर पलायन का बैनर लगा दिया है, जिसके बाद यह मामला पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। पीड़ित दीपक ने बताया कि उनके परिवार के सदस्य देवेन्द्र, जोगिन्द्र, प्रमोद, बिजेन्द्र समेत पांच परिवार वर्षों से एक साझा गैलरी के रास्ते अपने-अपने मकानों तक आते-जाते रहे हैं। परिवार का कहना है कि लगभग 16 वर्गगज की यह गैलरी उनके घरों तक पहुंचने का मुख्य मार्ग रही है।

परिवार के अनुसार गैलरी के ऊपर बनी छत काफी पुरानी और जर्जर हो चुकी थी। कई बार छत गिरने की आशंका जताई गई और इसे हटाकर रास्ता सुरक्षित करने का प्रयास भी किया गया, लेकिन आपसी सहमति नहीं बन सकी। कुछ समय बाद छत का हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे पूरा रास्ता मलबे से भर गया और आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। दीपक का आरोप है कि रास्ते में पड़े मलबे को हटाने और रास्ता साफ करने के लिए कई बार प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करने दिया गया। उनका कहना है कि इसके कारण पांच परिवारों का एकमात्र रास्ता बंद हो गया है और लोगों को घर से निकलने, बच्चों को स्कूल भेजने, बाजार जाने तथा अन्य जरूरी कार्यों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार का कहना है कि इस स्थिति का सबसे अधिक असर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि रास्ता खुलवाने की मांग करने पर उन्हें धमकियां भी दी जा रही हैं। लगातार बढ़ती परेशानी और भय के माहौल के चलते उन्होंने अपने मकान पर पलायन का बैनर लगाकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया है। मीडिया से बातचीत में दीपक ने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उनका परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हो जाएगा। उन्होंने बताया कि रास्ता बंद होने के कारण उनका सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है और परिवार मानसिक तनाव में रह रहा है। मौके पर मौजूद परिवार की महिला सदस्य पिंकी भी मीडिया के सामने अपनी व्यथा सुनाते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि रास्ता बंद होने के कारण परिवार के सामने रोज नई समस्याएं खड़ी हो रही हैं। कई बार संबंधित अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर राहत दिलाने की मांग की। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि गांव निवासी श्याम सिंह ने कथित रूप से कब्जे की नीयत से रास्ते में गिरे मलबे को हटाने नहीं दिया और रास्ते पर मलबा डलवाकर आवागमन पूरी तरह बाधित कर दिया। परिवार का कहना है कि श्याम सिंह अपनी दबंगई के बल पर वर्षों पुराने आम रास्ते को बंद कर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जिससे पांच परिवारों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे दबंग आरोपी श्याम सिंह की कथित दबंगई से पिछले लगभग 10 महीनों से परेशान हैं। परिवार लगातार अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगा रहा है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। पीड़ित परिवार ने बताया कि उन्होंने मामले को लेकर जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को भी प्रार्थना पत्र सौंपकर न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का कहना है कि वे केवल अपने घरों तक आने-जाने के लिए रास्ता खुलवाना चाहते हैं ताकि उनका जीवन सामान्य हो सके। उन्होंने प्रशासन से रास्ते में पड़े मलबे को तत्काल हटवाने और वर्षों पुराने आम रास्ते को बहाल कराने की मांग की है। गांव में पलायन का बैनर लगने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों के बीच भी इस विवाद को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। अब लोगों की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं और सभी को इंतजार है कि आखिर पीड़ित परिवार को कब राहत मिलेगी तथा वर्षों पुराने रास्ते का यह विवाद किस प्रकार सुलझाया जाएगा।

 रिपोर्टर - पंकज उपाध्याय 

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