25 साल तक कानून से बचता रहा 'बेचैन', आखिर पुलिस की गोली से थमा खेल... मासूम आरिफ के पिता की आंखों से छलके आंसू, बोले- अब मिला इंसाफ
शामली : शामली पुलिस और ₹50 हजार के इनामी बदमाश मेहताब उर्फ बेचैन के बीच शुक्रवार तड़के हुई मुठभेड़ का अंत उस समय हुआ, जब पुलिस की जवाबी गोलीबारी में घायल बदमाश ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस के अनुसार मेहताब कुख्यात मुकीम उर्फ काला गैंग का सक्रिय सदस्य था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी व आर्म्स एक्ट समेत करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे। लेकिन इस मुठभेड़ ने केवल एक इनामी बदमाश का अंत नहीं किया, बल्कि 25 साल पुराने उस जख्म को भी फिर से ताजा कर दिया, जिसे मोहल्ला शेखबद्दा निवासी रहीसुद्दीन पहलवान का परिवार आज तक नहीं भूल पाया था। करीब 25 वर्ष पहले उनके 12 वर्षीय बेटे आरिफ की हत्या कर दी गई थी। स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार के अनुसार उस मामले में मेहताब उर्फ बेचैन का नाम भी सामने आया था। मामला वर्षों तक न्यायालय में चलता रहा, लेकिन परिवार को न्याय का इंतजार रहा। शुक्रवार को जैसे ही मेहताब के मारे जाने की खबर परिवार तक पहुंची, बुजुर्ग पिता रहीसुद्दीन की आंखें भर आईं। उन्होंने भावुक होकर कहा, "25 साल बाद आज ऐसा लग रहा है कि मेरे बेटे को इंसाफ मिला है।" पुलिस के अनुसार मुठभेड़ कांधला थाना क्षेत्र के खंद्रावली के जंगल में हुई। पीछा किए जाने पर बदमाशों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में मेहताब घायल हो गया, जबकि उसका साथी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुठभेड़ में एक दरोगा भी गोली लगने से घायल हुए। मौके से पुलिस ने एक देसी कारबाइन, पिस्टल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए हैं। फरार बदमाश की तलाश में पुलिस की टीमें लगातार कॉम्बिंग अभियान चला रही हैं।
रिपोर्टर : अविनाश शर्मा
No Previous Comments found.