10 साल बाद परिवार से मिला बिछड़ा बेटा, अपना घर आश्रम की सेवा रंग लाई

शामली : कभी अर्धनग्न और मानसिक रूप से अस्वस्थ हालत में मिला एक व्यक्ति, जिसे अपनी पहचान तक याद नहीं थी, आखिरकार करीब 10 वर्ष बाद अपने परिवार से मिल गया। यह भावुक मिलन अपना घर आश्रम, शामली की सेवा, उपचार और निरंतर प्रयासों का परिणाम बना।
जानकारी के अनुसार 14 अक्टूबर 2024 को हरियाणा के समालखा से मिली सूचना पर अपना घर आश्रम शामली की रेस्क्यू टीम ने एक अज्ञात अर्धनग्न व्यक्ति को रेस्क्यू कर आश्रम में भर्ती कराया। मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. अरुण रॉय के उपचार और आश्रम के सेवा साथियों की लगातार देखभाल से उसकी मानसिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ।
करीब डेढ़ वर्ष तक चले उपचार के बाद एक दिन काउंसलिंग के दौरान उसने अपना नाम दिनेश (प्रकाश), पिता का नाम बुद्धा तथा अपना गांव काबरापथ, जिला गुमला (झारखंड) बताया। इसके बाद आश्रम प्रशासन ने तुरंत झारखंड के बिशुनपुर थाना से संपर्क किया। पुलिस की मदद से एक घंटे के भीतर उसके भाई राजू से संपर्क हो गया और वीडियो कॉल पर परिवार से उसकी भावुक बातचीत कराई गई।
परिजनों ने बताया कि प्रकाश उर्फ दिनेश लगभग 10 वर्ष पहले घर से बिना बताए चला गया था। परिवार ने उसे हर जगह तलाशा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला था। अचानक वीडियो कॉल पर उसे जीवित देखकर परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
सोमवार 6 जुलाई 2026 को दिनेश के भाई राजू और बिलेन अपना घर आश्रम पहुंचे। आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद 7 जुलाई 2026 को वे अपने भाई को साथ लेकर गांव काबरापथ, जिला गुमला (झारखंड) के लिए रवाना हो गए।
विदाई के समय प्रमुख समाज सेविका श्रीमती सीमा निर्वाल एवं श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव भी मौजूद रहीं। उन्होंने दिनेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इस भावुक पल को सेवा और मानवता की सबसे बड़ी जीत बताया।

रिपोर्टर : अविनाश शर्मा 

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.