15 साल पुराने लूट के दौरान हत्या के मामले में बड़ा फैसला, 4 दोषियों को फांसी की सजा
शामली : उत्तर प्रदेश सरकार के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत शामली पुलिस की प्रभावी पैरवी का बड़ा परिणाम सामने आया है। वर्ष 2011 में मोटरसाइकिल लूट के दौरान हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में न्यायालय ने चारों दोषियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। साथ ही कुल ₹4.80 लाख का अर्थदंड भी लगाया गया है।
मामला 20 अगस्त 2011 का है, जब थाना कोतवाली शामली क्षेत्र के ग्राम कुडाना के जंगल में बदमाशों ने राहुल मलिक के मामा राज सिंह की मोटरसाइकिल लूटने का प्रयास किया। विरोध करने पर बदमाशों ने राज सिंह को गोली मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस मामले में थाना कोतवाली शामली पर हत्या और लूट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस ने मार्च 2012 में चारों आरोपियों अजीत, सूरज उर्फ काला, अनिल और सुनील को गिरफ्तार कर जेल भेजा था तथा आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
करीब 15 वर्ष बाद, शुक्रवार को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-3), मुजफ्फरनगर की अदालत ने चारों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए धारा 302 भारतीय दंड संहिता के तहत मृत्युदंड तथा प्रत्येक पर ₹1 लाख का जुर्माना लगाया। इसके अतिरिक्त धारा 394 के तहत सभी दोषियों को आजीवन कारावास और ₹20-20 हजार के अर्थदंड से भी दंडित किया गया। जुर्माना अदा न करने पर प्रत्येक को तीन वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।यह फैसला उत्तर प्रदेश सरकार के ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के तहत प्रभावी विवेचना, मजबूत अभियोजन और न्यायालय में सुदृढ़ पैरवी का महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।
रिपोर्टर : अविनाश शर्मा
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