झिंझाना पुलिस का बड़ा एक्शन-अंतरराज्यीय अवैध हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

शामली :  झिंझाना पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय हथियार तस्कर गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अवैध असलहे, जिंदा कारतूस और तस्करी में प्रयुक्त कार बरामद हुई है।
पुलिस के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अवैध हथियारों की बरामदगी एवं तस्करी में लिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में झिंझाना पुलिस टीम ने चेकिंग के दौरान दो आरोपियों विनय और राजेश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।
03 पिस्टल, रिवॉल्वर और 06 तमंचे बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 03 पिस्टल, 01 रिवॉल्वर, 06 तमंचे और 315 बोर के जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा हथियारों की तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार संख्या PB-01-F-8776 भी पुलिस ने कब्जे में ली है।
पंजाब के कुख्यात गिरोह से जुड़े होने का दावा
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी कथित तौर पर राजेश उर्फ विनय के माध्यम से पंजाब के बाउ गिल गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक बाउ गिल वर्तमान में एनडीपीएस के एक मुकदमे में पंजाब की होशियारपुर जेल में निरुद्ध है और जेल में रहते हुए भी अवैध हथियारों की तस्करी के नेटवर्क को संचालित करने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा हथियारों की खरीद-फरोख्त से आर्थिक लाभ कमाया जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि अवैध हथियारों को पंजाब ले जाकर बेचने का काम किया जा रहा था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
जेल से नेटवर्क चलाने का दावा, मेरठ में हुई हथियारों की डील
पुलिस के मुताबिक कुछ समय पूर्व बाउ गिल के भाई सतेंद्र के साथ उसके साथियों द्वारा मारपीट की गई थी। इसके बाद बदला लेने के उद्देश्य से बाउ गिल द्वारा जेल से अपने संपर्कों के माध्यम से विनय और राजेश से संपर्क किया गया। दोनों को मेरठ जाकर अवैध हथियार लेने के लिए कहा गया था।
पुलिस का कहना है कि मेरठ में हापुड़ बस अड्डे के पास नायरा पेट्रोल पंप के निकट एक व्यक्ति से अवैध हथियार लिए गए। पूछताछ के अनुसार इन हथियारों को बाद में पंजाब ले जाने की तैयारी थी।
पिस्टल 80 हजार और तमंचा 10 हजार रुपये में बेचने का दावा
पुलिस के अनुसार आरोपी अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त से जुड़े थे। पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई कि पिस्टल करीब 80 हजार रुपये और तमंचा करीब 10 हजार रुपये में बेचे जाते थे।
पुलिस के मुताबिक गिरोह का मुख्य उद्देश्य अवैध असलहों एवं मादक पदार्थों की तस्करी से आर्थिक लाभ कमाना था। गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

रिपोर्टर : अविनाश शर्मा

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