डिजिटल अरेस्ट से ₹42.30 लाख की ठगी, मंदिर का बैंक खाता बना साइबर अपराधियों का जरिया
शामली : डिजिटल अरेस्ट कर दिल्ली निवासी महिला से ₹42 लाख 30 हजार 347 रुपये की साइबर ठगी के मामले में थाना थानाभवन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी की रकम से संबंधित ₹8 लाख रुपये की नकदी बरामद की है। मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है।
पुलिस के मुताबिक दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित मिलनसार अपार्टमेंट निवासी बबीना टर्के ने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार साइबर अपराधियों ने उनके पति को एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार करने की धमकी देकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया और अलग-अलग तरीके से डराकर कुल ₹42,30,347 रुपये की ठगी कर ली।
मंदिर के खाते में पहुंची ठगी की रकम
जांच के दौरान साइबर ठगी से जुड़े बैंक खातों की पड़ताल की गई तो भारतीय स्टेट बैंक की हसनपुर लुहारी शाखा में संचालित एक खाते में साइबर ठगी की ₹9 लाख रुपये की रकम पहुंचने की जानकारी सामने आई। अभिलेखों में यह खाता ग्राम बाढ़, थाना चरथावल, मुजफ्फरनगर स्थित श्री संत शिरोमणि रविदास मंदिर समिति से संबंधित पाया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि 29 जुलाई 2026 को चेक के माध्यम से इस खाते से तीन बार में ₹1 लाख, ₹3 लाख और ₹4 लाख, यानी कुल ₹8 लाख रुपये निकाले गए।
व्हाट्सऐप कॉल के बाद खाते का हुआ इस्तेमाल
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि मंदिर समिति में पंकज कुमार अध्यक्ष, किरोड़ीमल कोषाध्यक्ष और गौरव कुमार सचिव है। मंदिर का बैंक खाता हसनपुर लुहारी स्थित एसबीआई शाखा में संचालित है और उसकी पासबुक व चेकबुक पंकज कुमार के पास रहती थी।
आरोप है कि 25/26 जुलाई को पंकज के मोबाइल पर व्हाट्सऐप के जरिए एक अज्ञात व्यक्ति ने संपर्क किया और किसी व्यक्ति से धोखाधड़ी कर रकम मंदिर के खाते में मंगवाने तथा बाद में रकम बांटने की बात कही। लालच में आकर पंकज ने मंदिर का बैंक खाता उपलब्ध करा दिया और इसकी जानकारी किरोड़ीमल व गौरव को भी दी।
इसके बाद 28 जुलाई को करीब ₹9 लाख रुपये मंदिर के खाते में पहुंचे। अगले दिन तीनों आरोपियों द्वारा खाते से ₹8 लाख रुपये निकाले गए और पुलिस के अनुसार रकम आपस में बांट ली गई।
दो गिरफ्तार, तीसरे की तलाश
पुलिस ने मामले में पंकज कुमार पुत्र ईसम सिंह और किरोड़ीमल पुत्र रतीराम, दोनों निवासी ग्राम बाढ़, थाना चरथावल, मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया है। तीसरे आरोपी गौरव कुमार पुत्र कल्लूराम की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
थाना थानाभवन में मामले में मु0अ0सं0 272/2026, धारा 318(4) बीएनएस एवं 66D आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर ठगी की रकम से संबंधित ₹8,00,000 नकद बरामद किए हैं।
साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शामली एन.पी. सिंह के आदेश, अपर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी अपराध के पर्यवेक्षण में थाना थानाभवन पुलिस द्वारा की गई। पुलिस टीम का नेतृत्व प्रभारी निरीक्षक बिजेंद्र सिंह रावत ने किया।
फ्रंट पेज की खास बात: इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि धार्मिक संस्था के बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए कैसे किया गया और रकम बांटने का नेटवर्क किस स्तर तक फैला है। पुलिस अब उस अज्ञात व्यक्ति की तलाश में भी जुटी है, जिसने कथित तौर पर मंदिर समिति के खाते को साइबर ठगी की रकम के लिए इस्तेमाल कराया।
रिपोर्टर : अविनाश शर्मा
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