मिशन शक्ति फेज-6: महिला सुरक्षा के संदेश के साथ सड़कों पर उतरी शामली पुलिस, निकाला पैदल मार्च विजय चौक तक गूंजा महिला सम्मान और सशक्तिकरण का संदेश, छात्राओं व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी लिया हिस्सा
शामली : शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का संदेश देने के लिए शामली पुलिस ने मिशन शक्ति अभियान फेज-6 के अंतर्गत विशेष पैदल मार्च निकाला। अपर पुलिस अधीक्षक सुमित शुक्ला और क्षेत्राधिकारी नगर जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च के जरिए महिलाओं एवं बालिकाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने का संदेश दिया गया। सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली शामली से शुरू हुआ पैदल मार्च विजय चौक तक पहुंचा। इसमें आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, विभिन्न विभागों की महिला कर्मियों, छात्राओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की। मार्च में शामिल लोगों ने महिला सुरक्षा, समानता, सम्मान और स्वावलंबन के प्रति जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उत्पीड़न के खिलाफ चुप्पी नहीं, मदद लेने की अपील मिशन शक्ति अभियान के माध्यम से पुलिस महिलाओं और बालिकाओं को जागरूक कर रही है कि हिंसा, छेड़छाड़, उत्पीड़न अथवा किसी अन्य अपराध की स्थिति में भयभीत होकर चुप न रहें, बल्कि तत्काल पुलिस या संबंधित हेल्पलाइन से सहायता लें। साथ ही सरकार की महिला कल्याणकारी योजनाओं, सुरक्षा उपायों और सहायता सेवाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इन हेल्पलाइन नंबरों को रखें याद
महिला एवं बालिका सुरक्षा के लिए पुलिस ने महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी।
- 112 — पुलिस आपातकालीन सहायता
- 1090 — महिला पावर लाइन
- 181 — महिला हेल्पलाइन
- 1098 — चाइल्ड हेल्पलाइन
- 1930 — साइबर वित्तीय धोखाधड़ी हेल्पलाइन
- 1076 — मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
पुलिस ने महिलाओं और बालिकाओं से अपील की कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहें और किसी भी तरह के उत्पीड़न की जानकारी पुलिस को दें। साथ ही अपने आसपास की अन्य महिलाओं एवं बालिकाओं को भी जागरूक करें। महिला सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान जारी शामली पुलिस के अनुसार, मिशन शक्ति अभियान फेज-6 के तहत जनपद में महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और सशक्तिकरण को लेकर लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विभिन्न विभागों के समन्वय से महिलाओं के लिए सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है। संदेश साफ है—महिलाओं का सम्मान, उनकी सुरक्षा और आत्मनिर्भरता समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
रिपोर्टर : अविनाश शर्मा

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