चुनाव से पहले हथियारों की फैक्ट्री का भंडाफोड़! कैराना में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 40 तमंचे बरामद
शामली : पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी चोट की है। कैराना कोतवाली पुलिस ने खेत में बने ट्यूबवेल की कोठरी पर छापा मारकर कथित अवैध तमंचा फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस के मुताबिक, मौके से 21 बने हुए तमंचे, 19 अधबने तमंचे, कारतूस, हथियारों के विभिन्न पुर्जे और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। मामले में बरनावी गांव निवासी हारून को गिरफ्तार किया गया है।
ट्यूबवेल की कोठरी में हथियार बनाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में अवैध हथियारों की आवाजाही बढ़ने की सूचनाओं के बाद कार्रवाई की गई। जांच के दौरान बरनावी गांव निवासी हारून का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसके खेत में स्थित ट्यूबवेल की कोठरी पर छापा मारा, जहां कथित तौर पर अवैध हथियार बनाए जा रहे थे।
40 तमंचे और भारी मात्रा में पुर्जे बरामद
पुलिस की बरामदगी के अनुसार, मौके से 315 बोर के 12 तमंचे, 12 बोर का एक तमंचा, एक पोनिया तमंचा और 315 बोर के नौ जिंदा कारतूस मिले। इसके अलावा 19 अधबने तमंचे, विभिन्न प्रकार की नाल, अधबनी बट-बॉडी, ट्रिगर, स्प्रिंग, लोहे के पुर्जे तथा ग्राइंडर और ड्रिल मशीन समेत कई उपकरण बरामद किए गए।
पांच हजार रुपये में तमंचा बेचने का दावा
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि तैयार तमंचे लगभग पांच हजार रुपये प्रति तमंचा बेचे जाते थे। इनकी सप्लाई शामली, सहारनपुर और मुजफ्फरनगर के साथ हरियाणा के सोनीपत, पानीपत और करनाल तक होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस नेटवर्क में शामिल कथित बिचौलियों और अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
चुनावी माहौल बिगाड़ने की आशंका, जांच के घेरे में नेटवर्क
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आगामी चुनावों के दौरान माहौल खराब करने और अवैध कमाई के लिए हथियार तैयार किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, चुनाव प्रभावित करने की किसी ठोस साजिश की पुष्टि जांच और साक्ष्यों के आधार पर ही हो सकेगी। पुलिस जांच में दिल्ली में पकड़े गए आरिफ नामक कथित हथियार तस्कर से संपर्क के पहलू की भी पड़ताल की जा रही है।
एसपी ने कार्रवाई को बताया बड़ी सफलता
एसपी शामली नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। अब जांच का अहम सवाल यह है कि इस कथित फैक्ट्री से कितने हथियार पहले ही बाजार में पहुंच चुके हैं और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पुलिस कब पहुंचती है।
अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर: क्या इस कथित हथियार नेटवर्क के बाकी कनेक्शन भी उजागर होंगे? जांच आगे बढ़ने के साथ कई अहम खुलासे होने की संभावना है।
नोट: समाचार में आरोपी से जुड़े आरोप और पूछताछ के कथन पुलिस के हवाले से प्रस्तुत किए गए हैं। दोष सिद्ध होना न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
रिपोर्टर : अविनाश शर्मा

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