चिलचिलाती धूप से जनजीवन अस्त्र-व्यस्त
शिवहर : शिवहर सहित पूरे बिहार में चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी का कहर जारी है। चिलचिलाती धूप के कारण दोपहर होते ही सड़कें सूनी हो जा रही है। लोगों से अपील की जाती है कि बहुत जरूरत की पड़े तभी घर से बाहर निकले।
जरूरत पड़ने पर ही लोग छतरी लेकर तथा सर पर कपड़ा लपेटकर गंतव्य जगह जा रहे हैं। भीषण गर्मी के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त है।
गन्ना जूस ,बेल जूस, खीरा ककड़ी ,सतु नींबू डालकर पीना इस समय सेहत के लिए सही है। हालांकि शिवहर में 11 बजे दिन में 37 डिग्री टेंपरेचर है। लेकिन चिलचिलाती धूप के कारण लोगों को काफी गर्मी महसूस हो रही है।
भीषण गर्मी पड़ने से मुख्य रूप से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं (जैसे हीटस्ट्रोक और डिहाइड्रेशन), पीने के पानी का संकट, कृषि और फसलों को नुकसान, तथा बिजली-पानी के अत्यधिक उपयोग के कारण आर्थिक और ढांचागत परेशानियां होती हैं।
भीषण गर्मी से होने वाले प्रमुख नुकसानों को निम्नलिखित श्रेणियों में समझा जा सकता है।
शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है (40 डिग्री सेल्सियस से अधिक), जिससे मस्तिष्क, हृदय और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है।डिहाइड्रेशन- पसीने के रूप में शरीर का पानी बाहर निकलने से कमजोरी, चक्कर आना, और कम रक्तचाप की समस्या होती है।त्वचा पर चकत्ते (रैश), मांसपेशियों में ऐंठन, और उल्टी-दस्त होना आम हो जाता है।तेज धूप और नमी की कमी के कारण मिट्टी सूख जाती है, जिससे फसलों की पैदावार घट जाती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होता है।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता
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