जमीन के खरीद -बिक्री की सर्किल रेट बढे होने के कारण निबंधन हुआ प्रभावित

शिवहर : बिहार सरकार ने हाल ही में जमीन की रजिस्ट्री महंगी करते हुए न्यूनतम मूल्य दर (MVR) यानी सर्किल रेट में भारी वृद्धि की है। ग्रामीण क्षेत्रों में MVR औसतन 1.6 गुना और शहरी/परिधीय इलाकों में लगभग दोगुना कर दिया गया है।

बिहार में जमीन के सर्किल रेट में प्रमुख बदलाव और वृद्धि शहरी और व्यावसायिक क्षेत्र, शहरी इलाकों में सर्किल रेट लगभग दोगुना (2x) बढ़ा दिए गए हैं।

  ग्रामीण क्षेत्रों में एमवीआर (MVR) में 1.6 गुना से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।श्रेणीकरण पारदर्शी मूल्यांकन के लिए, ग्रामीण और परिधीय क्षेत्रों को 7 श्रेणियों में और शहरी/महानगरीय क्षेत्रों को 6 श्रेणियों में विभाजित किया गया है।  स्टाम्प शुल्क की सामान्य दर में 1% की बढ़ोतरी की गई है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए, यदि संपत्ति महिलाओं के नाम पर पंजीकृत होती है, तो स्टाम्प शुल्क में कुल 0.5% की विशेष छूट मिलती है (जिसमें 0.4% स्टाम्प शुल्क पर और 0.1% पंजीकरण लागत पर छूट शामिल है)।

 भविष्य के लिए नए नियम बिहार सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि अब हर साल सर्किल रेट में 5% की स्वतः बढ़ोतरी हुआ करेगी।इसके साथ ही, हर 3 साल पर इन दरों की विस्तृत समीक्षा भी की जाएगी।

इस बाबत जिला निबंधन पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया है कि सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी। जो कि बिहार सरकार के आर्थिक स्थिति में इसका बहुत बड़ा योगदान होगा । जनता को अभी जरूर ज्यादा बढ़ा हुआ महसूस हो रहा है, लेकिन वास्तव में स्थिति यह है कि खरीद मूल्य 3 गुना से 4 गुना तक है।

ग्रामीण क्षेत्रों में जो आवासीय भूमि 16 हजार रुपए प्रति डिसमिल थी उसको अब 32,000 प्रति डिसमिल कर दी गई है। वहीं शहरी क्षेत्र में प्रत्येक डिसमिल 17 लाख 50 हजार रुपए थी वह अब 35 लाख रुपए प्रति डिसिमल हो गई है। सरकार ने यह भी तय किया है कि 12 साल के बाद जमीन के सर्किल  रेट बढ़ा है।

जिला निबंधन पदाधिकारी नीरज कुमार बरनवाल ने बताया कि शिवहर शहर के विभिन्न वार्डों के अलग-अलग सर्किल रेट है जिसको दोगुना कर दिया गया है।

जबकि कातिब संघ के सचिव रामबाबू प्रसाद ,कातिब संघ के उप सचिव सुरेश पटेल,सदस्य उमेश प्रसाद, दीनबंधु शर्मा ,सुरेंद्र प्रसाद सहित अन्य कातिब ने बताया है कि जमीन का सर्किल रेट ( दाम बढ़) जाने के कारण निबंधन प्रभावित हुआ है।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता

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