पीएम-किसान की 23वीं किस्त का सीधा प्रसारण, 100 से अधिक किसानों ने लिया भाग

शिवहर : कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर के प्रशिक्षण सभागार में आज प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की 23वीं किस्त के वितरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किसानों को दिखाया गया।

 कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों एवं पंचायतों से आए 100 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रधानमंत्री के संबोधन को सुना। इस अवसर पर किसानों को कृषि से संबंधित नवीनतम तकनीकों, सरकारी योजनाओं तथा खरीफ मौसम की तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई।

 कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनुराधा रंजन कुमारी के स्वागत संबोधन से हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना देश के करोड़ों किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता कार्यक्रम है, जिससे किसानों को खेती-किसानी के विभिन्न कार्यों में सहयोग मिलता है। 

उन्होंने किसानों से अपील की कि वे सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी आय बढ़ाने की दिशा में कार्य करें। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा पीएम-किसान की 23वीं किस्त जारी किए जाने का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से दिखाया गया। 

किसानों ने कार्यक्रम को बड़ी रुचि के साथ देखा तथा योजना से संबंधित विभिन्न जानकारियां प्राप्त कीं। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत किसानों को खरीफ मौसम में वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए जागरूक किया गया। 

किसानों को धान की सीधी बुआई, उन्नत एवं कम अवधि वाली किस्मों का चयन, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, जल संरक्षण, खरपतवार नियंत्रण तथा कीट एवं रोग प्रबंधन के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही बदलते मौसम एवं संभावित कम वर्षा की स्थिति में कृषि कार्यों की रणनीति पर भी चर्चा की गई। 

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. सौरभ शंकर पटेल ने किसानों को धान की सीधी बुआई, कृषि यंत्रीकरण, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन तथा जल उपयोग दक्षता बढ़ाने के उपायों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों को अपनाकर किसान उत्पादन लागत कम कर सकते हैं तथा अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

 वहीं डॉ. एन. एम. एच. एनलिंग ने मौसम आधारित कृषि सलाह तथा फसल सुरक्षा उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को नियमित रूप से खेतों का निरीक्षण करने तथा वैज्ञानिक सलाह के आधार पर ही कृषि आदानों का उपयोग करने की सलाह दी। कार्यक्रम के अंत में किसानों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने खेती से संबंधित अपनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को वैज्ञानिकों के समक्ष रखा। 

वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं का समाधान करते हुए उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप वैज्ञानिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना की तथा कहा कि ऐसे कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों एवं सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता 

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