9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक मामले को निपटाए-- जिला जज

शिवहर : राष्ट्रीय लोक अदालत, राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के तत्वावधान में आयोजित एक विशेष वैकल्पिक विवाद समाधान मंच है। यह अदालतें पूरे भारत में नियमित अंतराल पर आयोजित की जाती हैं, जहाँ लंबित या मुकदमेबाजी से पहले के दीवानी और फौजदारी मामलों का आपसी समझौते से तुरंत निपटारा किया जाता है। 

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष व जिला जज डॉ दीपक कुमार ने बताया है कि इसका मुख्य उद्देश्य सस्ता, तेज और सौहार्दपूर्ण न्याय प्रदान करना है। यहाँ फैसले नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की आपसी सहमति से समझौता कराया जाता है।

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष  व जिला व सत्र न्यायाधीश दीपक कुमार ने बताया है कि लोक अदालत का फैसला सिविल कोर्ट की डिक्री के समान होता है और इसके खिलाफ अपील नहीं की जा सकती। यह एक कम खर्चीली प्रक्रिया है, जिसमें कोई कोर्ट फीस नहीं लगती और यदि मामला पहले से अदालत में लंबित है, तो फीस वापस कर दी जाती है।

जिला विधिक प्राधिकार के सचिव ललन कुमार ने बताया है कि इसमें छोटे आपराधिक मामले, चेक बाउंस, पारिवारिक विवाद (जैसे- तलाक, भरण-पोषण), बैंक रिकवरी, और मोटर दुर्घटना दावों का निस्तारण होता हैं ।सर्वोच्च न्यायालय से लेकर तालुका न्यायालय स्तर तक, यह एक दिन के लिए नियमित रूप से लगती है। मुकदमों का तुरंत निपटारा होता है। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 9 मई को व्यवहार न्यायालय परिसर में किया जाएगा।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता

Leave a Reply



comments

Loading.....
  • No Previous Comments found.