जन सुराज पार्टी ने बिहार के 6 माह के शासन को गिनाया, कहा बिहार के 71% लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ता है

शिवहर : जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष डॉ रामाधार साह का नेतृत्व में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया है जिसमें बिहार के 6 महीने के के साम्राज्य पर आपत्ति जताते हुए हिसाब कर बताया है कि 5 साल में एक करोड़ रोजगार मतलब 1826 दिन में 1 करोड़ नौकरी 
10000000÷1826= 5476.45 रोजगार प्रतिदिन मिलना था, लिहाजा 6 महीने 180 दिन के बाद अब तक 9,85,680 लोगों को रोजगार मिलना था। लेकिन किसी को रोजगार नहीं मिला

जिला अध्यक्ष डॉ रामाधार साह ने कहा "राज्य में केवल 25% को काम: 71% मजदूर दूसरे राज्यों पर निर्भर ,पलायन करने वाले कुल मजदूरों में से सिर्फ 25% ही बिहार में काम ढूंढ पाते हैं, जबकि 71% को दूसरे राज्यों में और 3% से अधिक को देश के बाहर जाना पड़ता है।

जन सुराज पार्टी के राघवेंद्र कुमार ने कहा यह आंकड़ा सरकार के 'स्थानीय स्तर पर रोजगार' देने और 'रिवर्स माइग्रेशन' (मजदूरों को वापस लाने) के वादों की विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। सरकार से सवाल होना चाहिए कि जब 71% से ज्यादा श्रमिकों को अपनी आजीविका के लिए दूसरे राज्यों की सरकारों और फैक्ट्रियों पर निर्भर रहना पड़ रहा है, तो बिहार सरकार की अपनी रोजगार नीतियां और स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) योजनाएं केवल कागजों तक ही क्यों सीमित हैं?

जन सुराज पार्टी के राघवेंद्र कुमार ने बताया कि चुनाव के समय छात्रों को लुभाने के लिए सपने दिखाए गए, सरकार ने चुनाव के घोषणा से पहले नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा, आलम ये है कि छात्रों द्वारा कई बार आंदोलन करने के बाद भी सरकार के गठन के 6 महीने बाद तक कोई घोषणा नहीं हुई और अभी भी प्रक्रिया लटकी है।उन्होंने कहा कि TRE-4 नोटिफिकेशन की मांग कर रहे 5000+ अभ्यर्थियों पर केस हुआ, बिहार का शिक्षित युवा हताश-आक्रोशित है। बिहार में बेरोजगारी अब सिर्फ आर्थिक नहीं, राजनीतिक संकट बन चुकी है।

जन सुराज पार्टी के प्रवक्ता लभली प्रसाद ने बताया कि महिलाओं को 2-2 लाख नहीं दिया गया है,10000 रुपए देने के चक्कर में सरकार ने बिहार के हर व्यक्ति और बच्चे पर 30000 का कर्ज लाद दिया है, और अब 2-2 लाख मिलने वाला नहीं है, सिर्फ सुनहरे सपने दिखाए गए।
NCRB का डेटा जानबूझ कर सरकार रिलीज नहीं कर रही है, 2 से 3 साल लेट कर रहीं है, 2026 आधा बीतने के बाद भी अभी तक 2025 का डेटा रिलीज नहीं की है।रोजाना अखबार में हत्या, दुष्कर्म और आपराधिक मामलों की खबरें आती हैं। बिहार के लोगों को अच्छे दिन की जगह जंगलराज 2.0 देखने को मिल रहा है। 

जन सुराज पार्टी के महिला जिलाध्यक्ष बीनू कुमारी बिहार सरकार प्रदेश की बेटियों की सुरक्षा के तमाम दावे करती है, लेकिन नीट छात्रा हत्याकांड में सीबीआई द्वारा चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने के कारण आरोपियों को ज़मानत मिल गई।सीबीआई की ओर से हुई इस लापरवाही के चलते जेल में बंद हॉस्टल मालिक और आरोपी मनीष कुमार रंजन को जमानत मिल गई। पॉक्सो कोर्ट में मनीष रंजन को डिफॉल्ट बेल दे दी- बिहार बजट में कृषि पर केवल 2.6% खर्च रखा गया, जबकि राज्यों का औसत 5.7% है।

जिला अध्यक्ष डॉ रामाधार सहने कहा है कि 20 मई 2026 से यात्रा (बिहार नवनिर्माण अभियान) का नया चरण शुरू होगा। इसके तहत जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बिहटा में IIT के पास बिहार नवनिर्माण आश्रम में लोगों के बीच रहकर काम करेंगे। प्रशांत किशोर इसी आश्रम में रहकर अभियान को बिहारभर में जारी रखेंगे। वहीं समय-समय पर जिलों का दौरा कर संगठन को मजबूत करेंगे। यह बिहार की जनता के प्रति लंबे समय तक सेवा और समर्पण का प्रतीक होगा।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता

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