सूरजमुखी के वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि वैज्ञानिकों ने किया निरीक्षण
शिवहर : कृषि विज्ञान केंद्र शिवहर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ अनुराधा रंजन कुमारी तथा वैज्ञानिक (उद्यान) डॉ संचिता घोष द्वारा ग्राम रेवासी में अग्रिम अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन के अंतर्गत लगे सूर्यमुखी (प्रजाति के भी इस एच 90 ) की खेती का क्षेत्र भ्रमण किया है।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को सूर्यमुखी की वैज्ञानिक खेती के प्रति जागरूक करना एवं आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी उपलब्ध कराना था। भ्रमण के दौरान वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों में जाकर फसल की स्थिति का निरीक्षण किया तथा उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक तकनीकी सुझाव दिए।
वैज्ञानिकों ने किसानों को सूर्यमुखी की उन्नत किस्मों, समय पर बुवाई, बीज उपचार, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, खरपतवार नियंत्रण एवं कीट-रोग प्रबंधन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूर्यमुखी एक महत्वपूर्ण तिलहनी फसल है, जिसकी खेती कम लागत में अधिक लाभ देने वाली साबित हो सकती है। साथ ही किसानों को यह भी बताया गया कि सूर्यमुखी की खेती से मिट्टी की उर्वरता में सुधार होता है तथा फसल चक्र अपनाने में भी सहायता मिलती है।
वैज्ञानिकों ने किसानों को नियमित रूप से खेत की निगरानी करने एवं आवश्यकता अनुसार पौध संरक्षण उपाय अपनाने की सलाह दी। भ्रमण के दौरान किसानों ने अपनी खेती से संबंधित समस्याओं को वैज्ञानिकों के समक्ष रखा, जिनका समाधान मौके पर ही तकनीकी सुझाव देकर किया गया।
किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर द्वारा दिए जा रहे वैज्ञानिक मार्गदर्शन एवं सहयोग की सराहना की तथा भविष्य में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर खेती करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।कार्यक्रम में क्षेत्र के कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे एवं उन्होंने सूर्यमुखी की खेती को बढ़ावा देने में रुचि दिखाई।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता

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