धान की सीधी बुआई एवं प्राकृतिक खेती पर किसानों को किया गया जागरूक

शिवहर : कृषि विज्ञान केंद्र, शिवहर एवं आत्मा, शिवहर के संयुक्त तत्वावधान में “खेत बचाओ अभियान” के अंतर्गत डुमरी कटसरी प्रखंड के बहुआरा तथा पिपराही प्रखंड के डेकुली धरमपुर गांव तथा शिवहर प्रखंड में किसान जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रमों में 120 से अधिक किसानों ने भाग लिया।में किसान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 80 से अधिक किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केवीके शिवहर के वैज्ञानिक डॉ. सौरभ शंकर पटेल ने बताया कि भारतीय मौसम विभाग द्वारा सामान्य से कम वर्षा की संभावना व्यक्त की जा रही है। ऐसी स्थिति में किसानों को जल संरक्षण आधारित तकनीकों को अपनाना चाहिए।

शिवहर प्रखंड में आयोजित कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. अनुराधा रंजन कुमारी ने खरीफ मौसम की फसलों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को धान, मक्का, अरहर, मूंग एवं उड़द जैसी खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों के चयन, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को फसल विविधीकरण, दलहनी फसलों के समावेश तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने खरीफ मौसम में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी तथा समेकित कीट प्रबंधन अपनाने पर भी जोर दिया ।

उन्होंने किसानों को धान, मक्का, अरहर, मूंग एवं उड़द जैसी खरीफ फसलों की उन्नत किस्मों के चयन, समय पर बुआई, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि बदलती जलवायु परिस्थितियों को देखते हुए किसानों को फसल विविधीकरण, दलहनी फसलों के समावेश तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष ध्यान देना चाहिए। 

उन्होंने खरीफ मौसम में कीट एवं रोगों की नियमित निगरानी तथा समेकित कीट प्रबंधन (IPM) अपनाने पर भी जोर दिया।इस अवसर पर आत्मा के बीटीएम हैदर अली खान एवं बीटीएम जितेन्द्र कुमार ने किसानों को फार्मर रजिस्ट्री के महत्व से अवगत कराया ।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता

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