माधोपुर एवं शरीफ नगर मे खेत बचाओ अभियान एवं खरीफ अभियान का आयोजन

शिवहर : कृषि विज्ञान केंद्र शिवहर एवं आत्मा, शिवहर के संयुक्त तत्वावधान में खरीफ मौसम 2026 को ध्यान में रखते हुए ‘खेत बचाओ अभियान’ सह खरीफ अभियान का आयोजन शिवहर प्रखंड के माधोपुर अनंत तथा तरियानी प्रखंड के शरीफ नगर गांव में किया गया।

 कार्यक्रम में 150 से अधिक किसानों ने भाग लेकर खरीफ फसलों की उन्नत तकनीकों, जल संरक्षण, पोषण सुरक्षा एवं बागवानी आधारित कृषि प्रणालियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए केवीके शिवहर की वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अनुराधा रंजन कुमारी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार इस वर्ष मानसून सामान्य से कमजोर रहने की संभावना है। ऐसी परिस्थिति में किसानों को जल संरक्षण आधारित कृषि तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने किसानों को धान की सीधी बुआई (डीएसआर) तकनीक अपनाने तथा कम अवधि में तैयार होने वाली धान की उन्नत किस्मों जैसे राजेंद्र सरस्वती एवं राजेंद्र श्वेता की खेती करने की सलाह दी। 

उन्होंने नैनो डीएपी के उपयोग पर विशेष जोर देते हुए बताया कि धान की रोपाई से पूर्व पौधों की जड़ों को नैनो डीएपी घोल में डुबोकर लगाने से रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम होती है तथा पौधों की प्रारंभिक वृद्धि बेहतर होती है। उद्यान वैज्ञानिक डॉ. संचिता घोष ने किसानों को धान की सीधी बुआई  में खरपतवार प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा खरपतवारनाशियों के सही समय एवं अनुशंसित मात्रा के उपयोग पर बल दिया। 

उन्होंने बताया कि डीएसआर में बुआई के 0–3 दिनों के भीतर प्री-इमरजेंस खरपतवारनाशी का प्रयोग तथा आवश्यकता अनुसार बाद में पोस्ट-इमरजेंस खरपतवारनाशी का उपयोग करने से खरपतवारों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त उन्होंने किसानों को फल एवं सब्जी उत्पादन, रसोई बागवानी, पोषण वाटिका, बहुवर्षीय फलदार पौधों के रोपण तथा कृषि विविधीकरण के महत्व के बारे में जानकारी दी। 

उन्होंने कहा कि बागवानी फसलों को कृषि प्रणाली में शामिल कर किसान अपनी आय बढ़ाने के साथ-साथ परिवार की पोषण सुरक्षा भी सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने जैविक खेती एवं एजोला उत्पादन की उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला। वीरेंद्र कुमार एवं दीपक कुमार ने किसानों को किसान रजिस्ट्री, बिहार कृषि ऐप तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। 

उन्होंने किसानों को कम वर्षा एवं सूखा जैसी परिस्थितियों के लिए उपयुक्त धान की किस्म स्वर्णा पूर्वी के बारे में विस्तार से बताया तथा इसके अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया। साथ ही किसानों से समय पर किसान रजिस्ट्री कराने एवं बिहार कृषि ऐप के माध्यम से उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान किसानों को जल संरक्षण, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, उन्नत बीजों के चयन, लागत में कमी तथा उत्पादन वृद्धि से संबंधित तकनीकी जानकारियां भी प्रदान की गईं। किसानों ने अभियान की सराहना करते हुए ऐसे कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता 

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