किसान खेतों में पानी पाटकर हाइब्रिड धान की बिचड़े की रोपाई कर रहे

शिवहर : पूरनहिया प्रखंड के किसानों ने अपने खेतों में हाइब्रिड धान की 2082 और 6444 किस्मों की रोपाई शुरू कर दी है। किसानों का कहना है  कि ये किस्में कम समय में अच्छी पैदावार देती हैं।

पुरनहिया  प्रखंड के  काशोपुर पोस्ट अभिराजपुर बैरिया के किसान नीरज कुमार कुशवाहा, उपेंद्र कुमार सिंह, अशोक बैठा, फेकन राउत और प्रमोद साह ने धान की रोपाई शुरू कर दी है। किसानों ने बताया कि यह नस्ल लगभग 130 दिनों में फसल तैयार कर देती है, और समय पर बिचड़ा तैयार करने व रोपाई करने से लाभ होता है।

हालांकि, अभी खेतों में पानी की कमी है, लेकिन हाइब्रिड धान के तैयार बिचड़े को अधिक दिनों तक नर्सरी में रखना मुश्किल होता है, क्योंकि इससे पैदावार प्रभावित होती है। मानसून की गतिविधि भी रुक-रुक कर जारी है। इसे देखते हुए किसान खेतों में पानी पाटकर हाइब्रिड धान के तैयार बिचड़े की रोपाई कर रहे हैं।

किसानों ने बताया कि 2082 वैरायटी की हाइब्रिड नस्ल की रोपाई खत्म हो गई है, जबकि 6444 वैरायटी की रोपाई शुरू हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सामान्य धान की तुलना में इसमें अच्छी लागत आती है और कमजोर मानसून की स्थिति में अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है। 

हालांकि, यह फसल बाढ़ के समय से पहले तैयार हो जाती है, जिससे इसे सुरक्षित करना आसान होता है। पैदावार अधिक होने के कारण किसान हाइब्रिड धान की खेती को प्राथमिकता देते हैं।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता 

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