जलमग्न शिवहर, बाढ़ से प्रभावित जिला, बाढ़ के पानी से हुआ सड़क संपर्क भंग जैसी उपाधि से सम्मानित

शिवहर : बागमती नदी का जलस्तर आज मौजूदा समय में घट रहा है। वैसे शिवहर जिला बाढ़ ग्रस्त जिला था। हमेशा यहां बाढ़ के कारण जनजीवन प्रभावित होता रहा था। जलमग्न शिवहर, बाढ़ से प्रभावित जिला, बाढ़ का पानी चढ़ा एन एच- 104 पर,आवागमन बाधित, बाढ़ आने से शिवहर से मोतिहारी संपर्क हुआ भंग जैसी उपाधि से सम्मानित जिला शिवहर आज पानी (बाढ़ )के लिए तरस रहा है।

गौरतलब हो कि शिवहर जिले में सबसे विकराल और विनाशकारी बाढ़ जुलाई 1993 में आई थी, जिसने भयंकर तबाही मचाई थी। इसके अलावा प्रत्येक वर्ष बाढ़ के कारण दर्जनों गांव के लोग प्रभावित होते थे हजारों हेक्टेयर खेती भूमि पर फसल नुकसान हो जाते थे।

हाल के वर्षों में अगस्त 2023 और सितंबर 2024 में भी बागमती नदी के तटबंध टूटने से जिले में भीषण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई थी।

वर्ष 2019 में शिवहर जिले में आई विनाशकारी बाढ़ का मुख्य कारण नेपाल की तराई में हुई मूसलाधार बारिश और बागमती नदी का उफान था। जुलाई और अगस्त के दौरान बागमती के तटबंध टूटने से जिले के अधिकांश प्रखंड जलमग्न हो गए थे, जिससे भारी तबाही मची।बाढ़ के दौरान स्थिति इतनी विकट हो गई थी कि लोगों को अपने घरों की छतों या ऊंचे स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी। 

बुनियादी सुविधाओं जैसे पेयजल, भोजन और चिकित्सा का भारी संकट पैदा हो गया था। राज्य सरकार और जिला प्रशासन शिवहर द्वारा बचाव दलों (एनडीआरएफ/एसडीआरएफ) की मदद से लोगों को निकालने व राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयास किए गए थे, लेकिन व्यापक पैमाने पर हुए नुकसान के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया था।

शिवहर जिले के तरियानी छपरा में बाढ़ के कारण बागमती नदी का बांध 29 सितंबर 2024 की रात को टूटा था। लगभग 20 फीट तक टूटे इस तटबंध के कारण तरियानी छपरा और आसपास के कई गांव जलमग्न हो गए थे।

शिवहर जिले में पिछले वर्ष (2025) में सितंबर और अक्टूबर के महीने में बाढ़ आई थी।नेपाल के तराई क्षेत्रों और बिहार में हुई भारी मूसलाधार बारिश के कारण बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया था, जिससे तरियानी, पिपराही और पूरनहिया प्रखंडों के निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे।

बताते चलें कि वर्ष 2015 में जब बाढ़ आया था तो कलेक्ट्रेट परिसर, डीएम कोठी,एसपी कोठी,जिला अतिथि भवन, न्यायालय परिसर,जिला शिक्षा कार्यालय,जेल परिसर सहित सभी सरकारी संस्थानों, गांव गलियों ,शिवहर शहर, जीरोमाइल चौक में पानी घुस गया था।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता

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