वित्त रहित महाविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की मांगों के संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपा गया

शिवहर : ​आज बिहार प्रदेश कांग्रेस सेवा दल की ओर से जिलाधिकारी प्रतिभा रानी को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया। इस बैठक के दौरान, वित्त रहित (संबद्ध) डिग्री, इंटरमीडिएट एवं माध्यमिक महाविद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षकेतर कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, सेवा शर्तों एवं अनुदान से संबंधित मांगों को जिला प्रशासन के समक्ष रखा गया। वित्त रहित शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के लिए सम्मानजनक नियमित वेतनमान तथा पेंशन लागू करना। शिक्षा विभाग के संकल्पों (संख्या 1457 एवं 1846) के आलोक में अनुदान की अधिकतम सीमा (कैपिंग) को समाप्त कर पूर्ण अनुदान का भुगतान करना। साथ ही, वर्ष 2018 से 2026 तक के बकाया एवं रोकी गई अनुदान राशि का महंगाई के अनुरूप पुनर्मूल्यांकन कर ब्याज सहित भुगतान करना।  शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि  कर्मचारी कल्याण कोष, सेवा पुस्तिका, चिकित्सा सुविधा और सामूहिक जीवन बीमा की व्यवस्था सुनिश्चित करना। संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षकों को पूर्व की भांति शोध निर्देशन  का अधिकार पुनः प्रदान करना तथा राज्य सरकार की 'प्रत्येक प्रखंड में महाविद्यालय' योजना के तहत पूर्व से संचालित वित्त रहित महाविद्यालयों को प्राथमिकता पर समायोजित करना। 

वर्तमान "वित्त रहित शिक्षा नीति" को पूरी तरह समाप्त कर एक स्थायी, न्यायसंगत और शिक्षक-हितैषी नीति लागू करना, जिससे शिक्षकों के सम्मान और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

जिलाधिकारी, शिवहर ने सौंपे गए ज्ञापन को विधिवत प्राप्त किया तथा प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए बिंदुओं को ध्यानपूर्वक सुना एवं दिए गए ज्ञापन को सहानुभूतिपूर्वक विचार और आवश्यक त्वरित कार्रवाई हेतु सक्षम उच्चाधिकारियों एवं संबंधित विभाग को नियमानुसार अग्रेषित करने का आश्वाशन दिया।

जिला प्रशासन जिले में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सभी नागरिकों और संस्थाओं के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करते हुए उनकी उचित मांगों को शासन तक पहुँचाने के लिए सदैव तत्पर है।

रिपोर्टर : संजय गुप्ता 

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