घर में शिवलिंग रखने से पहले जान लें ये महत्वपूर्ण बातें, सावन में ऐसे करें स्थापना
सावन का महीना भगवान शिव की पूजा और भक्ति के लिए बेहद शुभ माना जाता है। इस दौरान कई श्रद्धालु अपने घर में शिवलिंग की स्थापना करते हैं। घर में शिवलिंग स्थापित करना शुभ माना जाता है, लेकिन इसके लिए कुछ धार्मिक नियमों का पालन करना आवश्यक होता है। घर में हमेशा छोटे आकार का शिवलिंग ही रखना चाहिए, जिसका आकार लगभग 2 से 4 इंच या अंगूठे के बराबर हो। बड़े शिवलिंग आमतौर पर मंदिरों के लिए उपयुक्त माने जाते हैं। घर में नर्मदेश्वर, पारद, स्फटिक, तांबे या पीतल का शिवलिंग स्थापित किया जा सकता है। यदि संभव हो तो मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर पूजा करने की परंपरा भी बहुत शुभ मानी जाती है।

शिवलिंग की स्थापना से पहले पूजा स्थान की अच्छी तरह सफाई करें और गंगाजल छिड़ककर उसे पवित्र करें। इसके बाद उत्तर-पूर्व दिशा में तांबे, पीतल या चांदी की थाली पर शिवलिंग स्थापित करें। सबसे पहले गंगाजल और फिर पंचामृत से अभिषेक करें। इसके बाद शिवलिंग को साफ करके चंदन, फूल और बेलपत्र अर्पित करें। भगवान शिव के साथ माता पार्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी की प्रतिमा भी स्थापित की जा सकती है। धूप-दीप जलाकर "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जाप करें, शिव चालीसा का पाठ करें और फल, मिठाई या खीर का भोग लगाकर आरती करें। स्थापना के बाद भगवान शिव से परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की प्रार्थना करें।
शिवलिंग की स्थापना के बाद प्रतिदिन उसकी नियमित पूजा करना जरूरी माना जाता है। रोज जल या गंगाजल से अभिषेक करें, सुबह-शाम दीपक जलाएं और पूजा स्थल को हमेशा साफ रखें। शिव पूजा में बेलपत्र, धतूरा और भांग चढ़ाना शुभ माना जाता है, जबकि तुलसी के पत्ते, सिंदूर, रोली, केतकी का फूल और नारियल अर्पित नहीं किए जाते। यदि इन नियमों का श्रद्धा और विश्वास के साथ पालन किया जाए, तो सावन में भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।
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