फैक्ट्री, कारखाना, मिनी उद्योग नहीं रहने से लोग कर रहे पलायन
शिवहर : उत्तरी बिहार से तो अत्यधिक कृषि श्रमिकों का अत्यधिक पलायन हो रहा है। अतः कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि बिहार से कृषि श्रमिकों का पलायन अत्यधिक हो रहा है। इसे रोकने के लिए सरकार और जनता दोनों को एक साथ सहयोग करने पर ही कृषि श्रमिकों का पलायन रूक सकता है।
आज शिवहर के ग्रामीण इलाकों से रोजी रोजगार को लेकर आधा दर्जन से अधिक लोग पलायन करते देखा गया है,उन्होंने स्पष्ट कहा कि यहां काम नहीं है।
हालाँकि, विभिन्न सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षणों के अनुसार, बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों के लगभग 50% परिवारों में से कोई न कोई सदस्य रोजगार के लिए बाहर प्रवास करता है।
बताते चलें कि शिवहर मूलतः एक कृषि-आधारित और अत्यंत पिछड़ा जिला है, जहाँ रोजगार के बड़े औद्योगिक अवसर नहीं हैं। कृषि पर निर्भरता, उद्योगों की कमी, और स्थानीय स्तर पर कम मजदूरी प्रमुख कारण है।
रोजगार की तलाश में यहाँ के मजदूर मुख्य रूप से दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब जैसे विकसित राज्यों में जाते रहते हैं। सरकार एवं जिला प्रशासन को शिवहर से मजदूरों का पलायन रोकने को लेकर वैकल्पिक व्यवस्था करनी ही होगी।तभी शिवहर का उत्थान संभव होगा।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता
No Previous Comments found.