अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावें की चोरी: सिर्फ इस्तीफा से यह दाग नहीं धुलेगा--- राधाकांत गुप्ता उर्फ बच्चूजी
शिवहर : पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता राधाकांत गुप्ता उर्फ बच्चू जी ने कहा है कि अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में चोरी हुई है इससे तो अब कोई संदेह नहीं है। इस मामले में कुछ लोगों की इस्तिफा से इंसाफ नहीं होने वाला है।
राजद नेता बच्चू जी ने कहा है कि यह आस्था से खिलवाड़ का मामला है और इसमें दोषियों को कड़ी सजा मिलने के साथ-साथ मंदिर की व्यवस्था में आमूल चूल परिवर्तन की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
उन्होंने कहा है कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और चंदा में मिले करोड रुपए व कीमती आभूषणों के गायब होने के आरोपो के बीच श्री राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले अयोध्या पुलिस ने मंदिर में चोरी धन और कीमती सामान के कथित गबन से जुड़े मामले में 8 नामजद लोगों को और कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी राधाकांत गुप्ता ने बताया है कि दरअसल युगो- युगो से सनातनियों की आस्था के केंद्र रहे और जन-जन के रोम -रोम में बसने वाले प्रभु श्री राम के मंदिर में चोरी की घटना ने भारत ही नहीं बल्कि विश्व भर के करोड़ों राम भक्तों की भावनाओं को गहरी ठेस पहुंचाई है।
उन्होंने कहा है कि जो मंदिर की सुरक्षा 24 घंटे अत्याधुनिक तकनीक द्वारा होती हो ,जिसके चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी की निगरानी हो और जहां की सुरक्षा व्यवस्था के कई स्तर हो, वहां यदि करोड़ों रुपए मूल्य की धन राशि एवं आभूषण की चोरी सामने आए तो यह आश्चर्य का बात नहीं बल्कि मंदिर प्रबंधन, प्रशासन और समाज तीनों के लिए गंभीर आत्म मंथन का विषय है।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी श्री बच्चू जी ने कहा है कि यदि जांच में यह सत्य होता है कि मंदिर की दान राशि की जिम्मेदारी संभालने वाले कुछ लोग ही इस कृत्य में शामिल थे ,तो यह न केवल निंदनीय होगा बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरा आघात होगा।भगवान को श्रद्धा पूर्वक अर्पित दान में बेईमानी आर्थिक अपराध ही नहीं है यह धार्मिक व नैतिक विश्वास का भी घोर उल्लंघन है।
राजद नेता राधाकांत ने स्पष्ट कहा है कि यह घटना एक बड़ा संदेश देती है कि किसी भी धार्मिक संस्था का संचालन केवल विश्वास के आधार पर नहीं बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही व नियमित निगरानी की आधार पर होना चाहिए ।मंदिर हो, मस्जिद हो ,गुरुद्वारा हो या चर्च जब कोई व्यक्ति अपना स्वार्थ की पूर्ति के लिए आस्था के केंद्र की गरिमा को ठेस पहुंचती है तो वह करोड़ों लोगों के विश्वास को भी तोड़ता है ।इस अपराध का दाग इसकी इस्तिफा से नहीं बल्कि सभी दोषियों को कड़ी सजा दिलाकर ही धोया जा सकता है।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता
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