प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय शिवहर के संचालिका बहन भारती के द्वारा देकुली धाम में 12 ज्योतिर्लिंगों का हो रहा दर्शन
शिवहर : सावन के पावन मास में प्रजापिता ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका बहन भारती के द्वारा जिले के ऐतिहासिक एवं पौराणिक धार्मिक स्थल बाबा भुवनेश्वर नाथ धाम पर 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करा रहे हैं।
देवली धाम परिसर में 12 ज्योतिर्लिंगों का अद्भुत दर्शन के तहत सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर ,बैद्यनाथ धाम, त्रयंबकेश्वर, रामेश्वरम ,नागेश्वर, विश्वनाथ, भीमाशंकर ,केदारनाथ तथा गृश्नेश्वर का दर्शन कर रहे हैं, 12 ज्योतिर्लिंगों का अलग-अलग मंदिर बनाकर सचित्र वर्णन किया गया है, जिससे लोग दर्शन कर अपने आप को भाग्यशाली समझ रहे हैं।
बहन भारती ने बताया है कि आत्मा परमात्मा के मंगल मिलन का महाकुंभ है । उन्होंने कहा कि परमपिता परमात्मा शिव प्रजापिता बर्मा की ललाट में अवतरित हुए और उनके मुख्य द्वारा ईश्वरीय ज्ञान और सहज राज योग की शिक्षा देखकर इस दुख से भरे एवं तमोगुण हो चुके संसार का कल्याण किया। यदि शिव में छिपे आध्यात्मिक रहस्य को पूर्ण रूप से समझा जाए तो विश्व परिवर्तन सहज ही हो सकता है।
देकुली धाम में भगवान भोले शंकर के 12 रूपों को दर्शन करते हुए लोग अभिभूत हो रहे हैं। दीदी एवं उनके अनुयायियों ने दर्शन कर रहे श्रद्धालुओं को शिव के महत्व बता रहे हैं तथा उन्होंने कहा कि आने वाली नई सतयुगी दुनिया धन -धान्य से भरपूर हो जाएगी।
एक-एक शिवलिंग का महत्व को बताते हुए बहन भारती ने श्रद्धालुओं को बताया है कि प्रकृति के पांच तत्व संतुलित और सुखद होते हैं। संकल्पों के आधार पर प्रकृति चलती है। देवी देवता सर्व शक्तियां और सर्व कलाओं से संपन्न होते हैं।
सभी शिवलिंग के स्थल एवं स्थापना को बखूबी दर्शाते हुए सचित्र वर्णन किया गया है, वही नशा मुक्ति भारत अभियान को सभी श्रद्धालुओं को बताते हुए कहा है कि राजयोग प्रशिक्षण केंद्र ब्रह्माकुमारी प्रोजेक्ट गर्ल्स हाई स्कूल हमेशा ऐसे कार्य करती रहती है।
बहन भारती ने बताया कि श्रद्धालुओं को सृष्टि चक्र, कालचक्र के बारे में विस्तार से बताते हुए चारों युगों के बारे में विस्तार से बता कर अभिभूत करते हैं। मौके पर अमरनाथ गुप्ता भाई सहित उमेश भाई आदि मौजूद है जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं का 12 ज्योतिर्लिंग का दर्शन हो रहा है।
रिपोर्टर : संजय गुप्ता
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