गजब! लेबर पेन में तड़पती महिला की जज ने लगा दी 'अदालत', अस्पताल के बेड से ही हुई पेशी
सोचिए, एक महिला प्रसव पीड़ा से गुजर रही हो और उसी समय उसे अदालत की सुनवाई में शामिल होना पड़े—वो भी अस्पताल के बेड पर लेटे-लेटे। अमेरिका के फ्लोरिडा में घटी यह घटना किसी फिल्मी कहानी जैसी लगती है, लेकिन यह हकीकत है। इस मामले ने न सिर्फ मेडिकल सिस्टम बल्कि कानूनी प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लेबर रूम में वर्चुअल सुनवाई
फ्लोरिडा की रहने वाली चेरिस डॉयली, जो पेशे से एक ‘दौला’ यानी बर्थिंग एक्सपर्ट हैं, अपने बच्चे को सामान्य तरीके से जन्म देना चाहती थीं। लेकिन अस्पताल के डॉक्टरों का मानना था कि उनकी स्थिति को देखते हुए सिजेरियन ऑपरेशन जरूरी है। जब चेरिस ने ऑपरेशन से इनकार किया, तो मामला अचानक कानूनी मोड़ ले गया।
सितंबर 2024 की एक रात, जब चेरिस करीब 12 घंटे से लेबर पेन झेल रही थीं, तभी अस्पताल स्टाफ ने उन्हें बताया कि उन्हें एक कोर्ट हियरिंग में शामिल होना होगा। नर्स ने उन्हें तैयार होने के लिए कहा और कुछ ही देर में उनके सामने एक टैबलेट रख दिया गया, जिसमें वीडियो कॉल के जरिए जज और वकील मौजूद थे।
अस्पताल में बनी अदालत जैसी स्थिति
इस वर्चुअल सुनवाई में जज माइकल कलिल और अन्य कानूनी अधिकारी शामिल थे। चेरिस खुद हैरान थीं और बार-बार पूछ रही थीं कि क्या यह सच में असली कोर्ट प्रक्रिया है। अस्पताल का कहना था कि महिला को गर्भाशय फटने का खतरा है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।
दूसरी तरफ, चेरिस अपने पिछले अनुभवों के कारण सर्जरी से बचना चाहती थीं। उन्हें डर था कि ऑपरेशन के दौरान फिर से ज्यादा ब्लीडिंग हो सकती है। इस पूरे विवाद के बीच लगभग तीन घंटे तक बहस चलती रही, जबकि चेरिस लगातार दर्द से जूझ रही थीं।


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