ट्रांसजेंडर अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
शिवहर-प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष दीपक कुमार के मार्गदर्शन में रविवार को पुरनहिया प्रखंड के अशोगी छपराधनी गाँव में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सह न्यायाधीश ललन कुमार रजक के निर्देशन में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य ट्रांसजेंडर समुदाय को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा।
वही शिविर में पैनल अधिवक्ता जितेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए 'सितारा-2023' योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार और न्यायपालिका इस योजना के माध्यम से ट्रांसजेंडर समुदाय को पहचान पत्र, शिक्षा, कौशल विकास तथा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने ग्रामीणों से इस समुदाय के प्रति भेदभाव समाप्त कर इन्हें समान अवसर देने की अपील की। साथ ही जितेंद्र कुमार ने आगामी 9 मई को व्यवहार न्यायालय शिवहर में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में बैंक लोन, बिजली बिल विवाद, वैवाहिक मामले और भूमि विवाद जैसे सुलह योग्य मामलों का आपसी सहमति से त्वरित और निःशुल्क निपटारा किया जाएगा।
पीएलवी रोशन कुमार ने इस दौरान विधिक सहायता केंद्र के कार्यों से ग्रामीणों को अवगत कराया। उन्होंने लोक अदालत में आवेदन की प्रक्रिया समझाते हुए बताया कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सलाह एवं वकील की सुविधा प्राधिकार द्वारा दी जाती है।
कानूनी सहायता के लिए कोई भी व्यक्ति सीधे जिला विधिक सेवा प्राधिकार, शिवहर के सचिव कार्यालय से संपर्क कर सकता है। रोशन कुमार ने कहा कि अब न्याय सिर्फ अदालत की चारदीवारी तक सीमित नहीं है, बल्कि लोक अदालतों और जागरूकता शिविरों के माध्यम से न्याय व्यवस्था गाँव-गाँव तक पहुंच रही है।
इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण, पंचायत प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी सेविका तथा ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने इस पहल को सराहा और लोक अदालत में भाग लेने का भरोसा दिया।


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