मनरेगा में घोटाले का ‘लटेरा मॉडल’! एक ही मजदूर की फोटो से 14 दिन तक 1201 हाजिरी लगाई गई
सिद्धार्थनगर : खुनियाव ब्लॉक के ग्राम पंचायत लटेरा में मनरेगा घोटाले का एक और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। दो अलग-अलग परियोजनाओं में एक ही फोटो से मजदूरों की हाजिरी चढ़ाई जा रही है। रिकॉर्ड के अनुसार, 14 दिनों में कुल 1201 फर्जी मजदूरों की हाजिरी लगाकर ₹3,02,652 का घोटाला कर दिया गया। दो प्रोजेक्ट, एक फोटो—और 1201 मजदूर हाजिर ग्राम पंचायत लटेरा में चल रही निम्न परियोजनाओं पर यह गड़बड़ी पकड़ में आई—कार्य कोड: 3151001059/LD/958486255824928337, कार्य का नाम: GP लेटरा हॉस्पिटल से सुखराम के खेत तक कृषि कार्य मास्टर रोल नंबर: 6538 से 6683 दोनों ही परियोजनाओं में एक ही मजदूर की फोटो को बार-बार चिपका कर मजदूरों की भारी संख्या दिखा दी गई। स्थानीय लोगों के अनुसार कई मजदूरों ने तो इस साइट पर कभी काम किया ही नहीं, पर वे रिकॉर्ड में हर दिन हाजिर दिखाए गए हैं।14 दिन में ₹3,02,652 का खेल मास्टर रोल में 1201 मजदूरों की उपस्थिति दिखाकर ₹3.02 लाख से अधिक की मजदूरी बिल बनाया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि हाजिरी में दिन-प्रतिदिन वही फोटो कॉपी-पेस्ट की गई है। जिम्मेदारों पर सवाल, पर जवाबदेही लापता जब मामले की जानकारी खण्ड विकास अधिकारी (BDO) को दी गई, तो उन्होंने मोबाइल फोन पर बातचीत में जांच कराने का आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक किसी कार्रवाई की पुष्टि नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यह घोटाला अकेले ग्राम पंचायत स्तर पर नहीं हो सकता। बड़े अधिकारी की मिलीभगत के बिना इतनी बड़ी फर्जी हाजिरी संभव नहीं है। ग्रामीण बोले—काम नहीं, सिर्फ कागजों में खदानें खनक रही हैं मामले पर स्थानीय निवासियों का कहना है कि मनरेगा को गरीब मजदूरों की रोजी-रोटी के लिए चलाया जाता है, लेकिन यहां मजदूरों की जगह फोटो का खेल चल रहा है। एक ग्रामीण ने कटाक्ष करते हुए कहा— यहां तो फोटो कमाती है, मजदूर नहीं। जांच हुई तो कई चेहरे बेनकाब होने तय मामला उजागर होने के बाद अब पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक और उच्च अधिकारियों की भूमिका जांच के घेरे में आ गई है।जानकारों के मुताबिक, यदि निष्पक्ष जांच हुई तो कई अफसरों के तबादले-निलंबन तक तय हैं।
रिपोर्टर : सुशील कुमार

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