समान शिक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर प्रधानमंत्री के नाम दिया ज्ञापन
सिद्धार्थनगर - बहुजन सशक्तिकरण संघ की ओर से समाज और राष्ट्रहित से जुड़ी छह सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी के प्रशासनिक अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। संगठन ने देश में ‘एक राष्ट्र, एक शिक्षा’नीति लागू करने समेत सरकारी विद्यालयों में समान एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।ज्ञापन में कहा गया कि शिक्षा सशक्त लोकतांत्रिक एवं विकसित राष्ट्र की आधारशिला है। वर्तमान में विभिन्न शिक्षा बोर्डों, शैक्षिक मानकों और संसाधनों में असमानता के कारण विद्यार्थियों को समान अवसर नहीं मिल पा रहे हैं। संगठन ने जाति, धर्म, भाषा, लिंग, क्षेत्र और आर्थिक स्थिति से परे प्रत्येक बच्चे को समान,समावेशी एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की मांग की।बहुजन सशक्तिकरण संघ ने छह सूत्रीय मांगों में संविधान के धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के सिद्धांतों पर आधारित एक राष्ट्र, एक शिक्षा नीति बनाने, सभी सरकारी विद्यालयों में समान स्तर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा देश की भाषाई एवं सांस्कृतिक विविधता का सम्मान करते हुए समान न्यूनतम शैक्षणिक ढांचा विकसित करने की मांग की।इसके अलावा संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, मौलिक कर्तव्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानवाधिकार और संवैधानिक मूल्यों को विद्यालयी पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा बनाने की मांग की गई। सभी विद्यार्थियों को योग्य शिक्षकों, डिजिटल संसाधनों, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और छात्रवृत्ति की समान सुविधा उपलब्ध कराने तथा शिक्षा नीति एवं पाठ्यक्रम निर्माण में शिक्षाविदों, शिक्षकों, बाल मनोविज्ञान विशेषज्ञों और समाज के सभी वर्गों की सार्थक भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।संगठन के जिलाध्यक्ष गोपाल प्रसाद ने कहा कि बहुजन सशक्तिकरण संघ समाजहित,जनहित और राष्ट्रनिर्माण के लिए लगातार कार्य करता रहेगा। शिक्षा में समानता स्थापित करना संगठन की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।इस दौरान जिला संरक्षक मनोज कुमार,उमेश प्रताप सिंह, सरिता पांडेय,संतोष कुमार,राजकुमार,सनोज,प्रदीप कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।
रिपोर्टर - सुशील कुमार खेतान
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