कलेक्टर की अध्यक्षता में प्रदूषण नियंत्रण एवं फ्लाईएस प्रबंधन की समीक्षा बैठक आयोजित प्रदूषण नियंत्रण के सभी पहलुओ पर हमें पूरी सकारात्मकता के साथ कार्य करना हैः-गौरव बैनल

 सिंगरौली  : कलेक्टर श्री गौरव बैनल ने कोल खनन एवं परिवहन से होने वाले प्रदूषण के प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में औद्योगिक कम्पनियो के प्रतिनिधियो के साथ बैठक आयोजित कर आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले में हाल ही में एक्यूआई में आई गंभीरत गिरवाट पर चिंत जाहिर करते हुयें निर्देश दिए कि औद्योगिक कम्पनिया तत्काल इस विषय को गंभीरता से लेते हुयें प्रदूषण नियंत्रण हेतु प्रभावी उपाय किया जाना सुनिश्चित करे।
  बैठक में उपस्थित कम्पनियों के प्रतिनिधियो द्वारा प्रदूषण नियंत्रण हेतु किए जा रहे उपायों के संबंध में कलेक्टर को अवगत कराया गया। प्रतिनिधियों ने बताया कि अधिकांश खदान क्षेत्रो के अंदर या हाल रोड के मध्य में  व्हील वासिंग सिस्टम लगाया गया है। किंतु सर्वजनिक सड़क तक पहुचते पहुचते वाहनो के पहियो पर धूल जम जाती है। जिससे प्रदूषण नियंत्रण का उद्देश्य पूरा नही हो पाता है। इस संबंध मे कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी खनन कम्पनिया हाल रोड और सर्वजनिक सड़क के जक्शन के ठीक पहले व्हील वाशिग सिस्टम  लगायें। साथ ही यह सुनिश्चित करे कि सिस्टम संप्ताह में 24 बीसो घण्टे कार्यरत है। उन्होने कहा कि जीओ टैग फोटो सहित कार्य योजना 7 दिनो में कलेक्ट्रेट कार्यालय वा प्रदूषण बोर्ड को प्रस्तुत करे। इस संबंध में जिला खनिज अधिकारी एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियो को स्थल सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जयंत मोरवा कोरीडोर पर जक्शन प्रबंधन सड़क धूल नियंत्रण एवं ट्राफिक नियमन के संबंध में कम्पनियों को निर्देश दिए उन्होने कहा कि सड़क कच्ची वा धूलयुक्त है एवं ट्राफिक की समस्या हर समय बनी रहती है। धूल नियंत्रण एवं इंजिनियरिंग सुधार हेतु सभी जक्शन को 15 दिन में मैटल, ग्रेड वा लेवल किया जाये साथ ही हाल रोड पब्लिक रोड के मध्य भौतिक पृथक्करण किया जाये वा धूल नियंत्रण हेतु मकैनिकल स्वैपिंग एवं वाटर स्प्रिकलिंग किया जाना सुनिश्चित करे। उन्होने कहा कि ट्राफिक नियमन हेतु प्रमुख जक्शनो पर स्वचलित यातायात नियंत्रण प्रणाली स्थापित की जायें। साथ ही इसका संचालन 24 बीसो घण्टे किया जायें।खदान क्षेत्र में आने वाले भारी वाहन केवल हरीबंत्ती मिलने पर जक्शन पार करेगे। कलेक्टर ने एटीसीएस आधारित जक्शन  डिजाईन की रूपरेखा सात दिवस में प्रस्तुत करने के कम्पनियों को निर्देश दिए।
  कलेक्टर ने जयंत से मोरवा फोरलेन मार्ग पर लेन डिसीप्लीन स्थापित करने हेतु कम्पनियों को निर्देश दिए कि भारी वाहनो हेतु निधारित दो लेन तथा सामान्य वाहनो हेतु दो अलग अलग लेन अनिवार्य संचालित कराये ताकि सामान्य लेन में  प्रवेश प्रदूषण वा दुर्घटना जोखिम को कम किया जा सके। इस संबंध में एनसीएल को निर्देश दिए कि मार्ग पर एएनपीआर कैमरे लगाया जाये तथा इनको एटीसीएस प्रणाली से जोड़ा जाये ताकि जो भी भारी वाहन पब्लिक लेन में प्रवेश करे उनको चिन्हित किया जा सके। उन्होने यह भी निर्देश दिए कि एप्लीकेशन आधारित मानीटरिंग प्लेटफार्म को भी विकशित किया जाये। बैठक में कम्पनियों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा विभिन्न मार्गो पर स्प्रिकलर एवं फांगिंग मशीन चलाया जा रहा किंतु इनके रूट समय सारण तैनाती नियमित रूप से सुचारू नही पाया है। इस  संबंध में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि स्प्रिंकलर फागिंग मशीन संख्या एवं उनके मार्ग वा समय सारणी निर्धारित कर सात दिवस में पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करे। इन सभी मशीनो में जीपीएस लगाकर नियमित रूप से ऑन लाईन मानीटरिंग वास्तविक समय पर की जायें। तथा इनकी एमआईएस रिपोर्ट भी तैयार की जायें। समय सारणी से विचलन होने पर कम्पनियों को इसके संबंध में अलर्ट भी जारी किया जायें। सभी कम्पनियो को कलेक्टर ने 10 दिवस की समय सीमा के भीतर जीपीएस प्रणाली लगाकर एकीकृत डैसबोर्ड के माध्यम से जुड़ने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि एनसीएल द्वारा माजन मोड़ से निगाही,जयंत, मोरवा एवं आसपास के मार्ग को कव्हर किया जायेगा। वही एनटीपीसी द्वारा माजन मोड़ से विन्ध्यनगर एवं अन्य आस पास के क्षेत्रो को कव्हर किया जायेगा। 
कलेक्टर ने अन्य तकनीकी सुधार हेतु सभी कम्पनियों को निर्देश दिए कि सभी इकाइयों में एफजीडी , ईएएसपी का सुचारु संचालन ओसीईएमस  डेटा का 24 बीसो घण्टे ट्रांसमिशन सुनिश्चित किया जाए। कोयला व फ्लाई ऐश  परिवहन के संबंध में कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी वाहन पूरी तरह से कव्हर रहे। यह सुनिश्चित करे कि फ्लाई ऐस का वाहनो से किसी भी प्रकार का रिसाव न हो। सभी कम्पनिया टारपोलीन कव्हर करने की पूर्ण आटोमैटिक प्रणाली को अपनाया जाना सुनिश्चित करे ताकि फ्लाई ऐस एवं कोयले की ओवर लोडिंग को नियंत्रित किया जा सके। इसी के साथ  ऐश डाइक प्रबंधन, खान पुनर्भरण एवं री-क्लेमेशन में प्रगति सुनिश्चित की जाए।  उन्होने निर्देश दिए कि  जिला स्तरीय टास्क फोर्स द्वारा प्रतिदिन निगरानी की जाएगी। उन्होने निर्देश दिए कि सभी कंपनियाँ अपनी साप्ताहिक अनुपालन रिपोर्ट कलेक्ट्रेट में प्रस्तुत करेंगी।कलेक्टर ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य एक्यूआई में सुधार सर्वोच्च प्राथमिकता है। कलेक्टर ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण के सभी पहलुओ पर हमें पूरी सकारात्मकता के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान संयुक्त कलेक्टर संजीव पाण्डेय, एसडीएम सुरेश जाधव, माईनिंग अधिकारी आकांक्षा पटेल, प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी रतिपाल ठाकुर सहित औद्योगिक कम्पनियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
 
रिपोर्टर : मिथिलेश कुमार यादव

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