सरकारी राशन डकारने वाले विक्रेता पर गिरी गाज, धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज।
सिंगरौली : जिले के सरई थाना क्षेत्र अंतर्गत अमहाटोला स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान में खाद्यान्न गबन का एक बड़ा मामला सामने आया है। कलेक्टर गौरव बैनल के सख्त निर्देश के बाद, आपूर्ति विभाग की जांच में भारी अनियमितता पाए जाने पर विक्रेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। क्या है पूरा मामला? अमहाटोला के ग्रामीणों ने कलेक्टर से शिकायत की थी कि उन्हें समय पर और निर्धारित मात्रा में राशन नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने विक्रेता पर राशन की कालाबाजारी का आरोप लगाया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने जांच के आदेश दिए, जिसके पालन में 8 अप्रैल 2026 को आपूर्ति विभाग की टीम ने दुकान का औचक निरीक्षण किया।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा।
निरीक्षण के दौरान पीओएस (POS) मशीन के रिकॉर्ड और दुकान में मौजूद भौतिक स्टॉक में भारी विसंगति पाई गई:
सामग्री मशीन के अनुसार स्टॉक मौके पर मौजूद स्टॉक गायब मात्रा (गबन) अनुमानित कीमत
गेहूं 47.05 क्विंटल 16 क्विंटल 31.05 क्विंटल ₹72,967.50
ग्रामीणों के बयान ने खोली पोल
जांच टीम के सामने कार्डधारकों (सुरेश साकेत, लल्लू सिंह और मनमोहन रजक) ने बयान दिया कि उन्हें फरवरी से अप्रैल 2026 तक का राशन प्राप्त ही नहीं हुआ है, जबकि रिकॉर्ड में हेरफेर की गई थी।
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी चन्द्रमणि द्विवेदी की शिकायत पर सरई पुलिस ने आरोपी विक्रेता अनिल सिंह (निवासी शिवगढ़) के विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है: भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023: धारा 316(3) (न्यास भंग/गबन) आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955: धारा 3 एवं 7 प्रशासन की चेतावनी: "गरीबों के हक का राशन डकारने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिले की अन्य दुकानों की भी सतत निगरानी की जा रही है।" — जिला प्रशासन, सिंगरौली
रिपोर्टर : मिथिलेश


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