गोबर से गैस, गांव की नई पहचान : मैथौरा में बन रहा बायोगैस प्लांट, 25 परिवारों को मिलेगा स्वच्छ ईंधन

सीतामढ़ी :  स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में सीतामढ़ी जिला एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ा रहा है। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत डुमरा प्रखंड की मैथौरा पंचायत में गोवर्धन योजना के अंतर्गत बायोगैस प्लांट का निर्माण कराया जा रहा है, जो ग्रामीण क्षेत्र में स्वच्छ और सतत ऊर्जा उपलब्ध कराने का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनेगा। निर्माणाधीन बायोगैस प्लांट में आसपास के घरों एवं पशुशालाओं से प्राप्त गोबर का उपयोग कर गैस का उत्पादन किया जाएगा। इस परियोजना के माध्यम से पंचायत के 25 परिवारों को सीधे बायोगैस की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए लाभुक परिवारों के घरों तक गैस कनेक्शन का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। प्लांट के संचालन शुरू होते ही इन परिवारों के घरों में बायोगैस से चूल्हे जलने लगेंगे और स्वच्छ ईंधन के माध्यम से भोजन तैयार किया जाएगा।यह पहल न केवल रसोई गैस का एक स्थानीय एवं सुलभ विकल्प उपलब्ध कराएगी, बल्कि गोबर जैसे जैविक अपशिष्ट के वैज्ञानिक उपयोग को भी बढ़ावा देगी। इससे पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता संवर्धन और कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में भी मदद मिलेगी।विभागीय निर्देशों के अनुरूप इस बायोगैस प्लांट के संचालन एवं रखरखाव की जिम्मेदारी जीविका से जुड़े स्वयं सहायता समूहों को सौंपी जाएगी। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार एवं आय सृजन के अवसर भी प्राप्त होंगे तथा सामुदायिक सहभागिता को बल मिलेगा। आज जब ऊर्जा संसाधनों पर बढ़ता दबाव और ईंधन की उपलब्धता एक चुनौती बनती जा रही है, ऐसे समय में मैथौरा पंचायत का यह बायोगैस प्लांट ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल के रूप में उभर रहा है। यह परियोजना स्वच्छ ऊर्जा, सतत विकास और आत्मनिर्भर गांव की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। सीतामढ़ी जिला प्रशासन एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की यह पहल ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नई मिसाल स्थापित कर रही है, जिससे आने वाले समय में अन्य पंचायतों को भी प्रेरणा मिलेगी।

रिपोर्टर : मुकेश यादव

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